नशे में खाकी तो कार्रवाई तय- आईजी दीपक झा का सख्त संदेश- डायल-112 की शिकायत और नशाखोरी पर दो आरक्षक बर्खास्त
सरगुजा – पुलिस की वर्दी जिम्मेदारी, अनुशासन और भरोसे का प्रतीक है, लेकिन यदि यही वर्दी नशे की गिरफ्त में आ जाए तो पुलिस की कार्यप्रणाली के साथ आमजन के विश्वास पर भी सीधा असर पड़ता है। सरगुजा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने का स्पष्ट संदेश दिया है। आईजी के सख्त प्रशासनिक रुख के बीच दो आरक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इनमें एक मामला बलरामपुर जिले का और दूसरा एमसीबी जिले का है।
डायल-112 सेवा से संबंधित शिकायत और पुलिसकर्मियों के नशे में पाए जाने जैसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए की गई कार्रवाई ने पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और नशाखोरी पर अब सख्त कार्रवाई होगी।

आईजी दीपक झा ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि डायल-112 जैसी आपातकालीन पुलिस सेवा में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिसकर्मियों के नशे की हालत में पाए जाने को भी गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
पुलिस विभाग में शराब की आदत केवल व्यक्तिगत अनुशासन का विषय नहीं है, बल्कि इससे ड्यूटी प्रभावित होने, निर्णय क्षमता कमजोर पड़ने, जनता से व्यवहार बिगड़ने और पूरे पुलिस विभाग की छवि धूमिल होने का खतरा रहता है। ऐसे में आईजी दीपक झा की सख्ती पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दो आरक्षकों की बर्खास्तगी ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी की जिम्मेदारी के साथ समझौता करने वालों पर कार्रवाई तय हैl






