मीडिया से टकराव के बीच ट्रंप का ‘Trump TV’- व्हाइट हाउस से 24 घंटे सीधा प्रसारण- लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर नई बहस
CNN, MS NOW और Politico पर व्हाइट हाउस पहुंच रोकने के बाद YouTube पर शुरू हुआ ‘Trump TV’- राष्ट्रपति ट्रंप ने आलोचक मीडिया को ‘फेक न्यूज’ और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया-, जबकि प्रेस स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठे-
नई दिल्ली – अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पारंपरिक मीडिया के बीच टकराव अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया है। व्हाइट हाउस ने आनन फानन मे ‘TRUMP TV: The Essentials Station’ नाम से 24 घंटे चलने वाला YouTube स्ट्रीमिंग चैनल शुरू किया है। इसमें ट्रंप के भाषण, प्रशासन की घोषणाएं, सरकारी कार्यक्रम और पहले के महत्वपूर्ण वीडियो दिखाए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस की वेबसाइट और आधिकारिक ऐप पर भी यह प्रसारण उपलब्ध कराया जा रहा है।
अमेरिका मे यह कदम ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन ने CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया था जिससे इन संस्थानों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अदालत का रुख भी कर लिया है।
जिसके जवाब मे अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने आलोचक मीडिया को ‘फेक न्यूज’ और ‘कैंसर’ बताते हुए उसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बतलाया है।

बताया जाता है कि ‘Trump TV’ का महत्व अमेरिका मे इसलिए भी बढ़ जा रहा है क्योंकि यह सरकार को पारंपरिक पत्रकारिता की संपादकीय प्रक्रिया के बाहर जनता तक अपना संदेश सीधे पहुंचाने का माध्यम बनता जा रहा है। हालांकि अभी इसका स्वरूप पारंपरिक समाचार चैनल से अलग है—इसमें एंकर, नियमित न्यूज बुलेटिन और स्वतंत्र संपादकीय जांच जैसी व्यवस्थाएं स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं।
जानकार बतलाते है कि इस घटनाक्रम का आने वाले समय मे अंतरराष्ट्रीय प्रभाव व्यापक हो सकता है। दुनिया के दूसरे राजनीतिक नेतृत्व भी सोशल मीडिया और वीडियो स्ट्रीमिंग के जरिए पारंपरिक मीडिया को दरकिनार कर सीधे जनता तक पहुंचने के मॉडल को अपना सकते हैं। इससे सूचना की गति और सरकारी संदेश की पहुंच बढ़ सकती है, लेकिन इसके बाद स्वतंत्र पत्रकारिता, तथ्य-जांच और सत्ता से सवाल पूछने की भूमिका को लेकर नई बहस भी तेज हो सकती है।

वैसे लोकतंत्र में मीडिया का महत्व केवल सरकार की घोषणाएं जनता तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन घोषणाओं की पड़ताल करना, सवाल पूछना और सत्ता के दावों की स्वतंत्र जांच करना भी है। इसीलिए उसे चौथा स्तम्भ कहा जाता है इसलिए अजब गजब द्रम्प के तानाशाही दिमाग से उपजी ‘Trump TV’ आने वाले समय में सरकारों और पत्रकारिता के रिश्ते तथा डिजिटल मीडिया के भविष्य पर महत्वपूर्ण बहस का कारण बनने जा रही है





