खेतों में समृद्धि की नई राह तलाश रहे मंत्री नेताम, कृषि विज्ञान केंद्र में उन्नत खेती और डेयरी मॉडल का किया निरीक्षण

हल्दी की वैज्ञानिक खेती से लेकर दुग्ध उत्पादन तक, अनुसंधान को किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाने पर जोर
छत्तीसगढ़ – खेती को परंपरागत दायरे से निकालकर तकनीक, अनुसंधान और लाभकारी कृषि मॉडल से जोड़ने की दिशा में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बैकुंठपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन्नत हल्दी उत्पादन, डेयरी विकास और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की संभावनाओं का जायजा लिया।

मंत्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र में विकसित की जा रही उन्नत हल्दी नर्सरी का अवलोकन कर रोपाई की वैज्ञानिक विधि, पौधों की देखभाल तथा खाद-पानी प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी उपयोग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डेयरी इकाई के निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन्नत नस्ल की गायों, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन और डेयरी शेड की सुविधाओं का भी जायजा लिया।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि विज्ञान केंद्र में होने वाले अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं और प्रदर्शन इकाइयों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका व्यावहारिक लाभ गांवों के किसानों तक पहुंचे। इसके लिए किसान प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, जिला पंचायत सीईओ योगेन्द्र श्रीवास सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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