गांजा तस्करों का नया खेल: कभी कार, कभी बस तो अब ट्रक! छत्तीसगढ़ में कानून का खौफ बेअसर, एक करोड़ 19 लाख का गांजा बरामद

पेडारी घाट में ट्रक पलटने से खुला तस्करी का बड़ा राज, प्लास्टिक दाना की बोरियों के बीच छिपाकर ओडिशा से लखनऊ ले जाया जा रहा था गांजा
छत्तीसगढ़ – गांजा तस्करी का कारोबार अब सिर्फ चोरी-छिपे चलने वाला धंधा नहीं, बल्कि कानून और पुलिस की निगरानी को चुनौती देता एक संगठित खेल बनता दिखाई दे रहा है। तस्करों ने भी अपनी चाल बदल दी है। कभी छोटी कारों में गुप्त ठिकाने बनाकर गांजा पहुंचाया जाता था, फिर बसों के जरिए बड़े खेप की तस्करी सामने आई और अब भारी ट्रकों को भी इस अवैध कारोबार का जरिया बनाया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर कानून का डर इन तस्करों के मन से खत्म क्यों होता जा रहा है?

हादसे ने खोली तस्करी की पोल-

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पेडारी घाट में एक बड़ा ट्रक पलटने के बाद सामने आए मामले ने तस्करी के नए तरीके का खुलासा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस की कार्रवाई में करीब एक करोड़ 19 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि प्लास्टिक दाना की बोरियों के बीच छिपाकर गांजे की खेप ओडिशा से लखनऊ ले जाई जा रही थी। इससे पहले सूरजपुर में बस खराब होने के बाद भी बस के जरिए गांजा तस्करी का बड़ा मामला उजागर हुआ था।

पुलिस की सफलता के बीच व्यवस्था पर सवाल-

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में लगातार गांजा की बड़ी खेप पकड़े जाने के बावजूद तस्करी का सिलसिला थम नहीं रहा। कहीं पुलिस की निगरानी में खेप पकड़ी जाती है, तो कहीं वाहन दुर्घटना तस्करों के पूरे नेटवर्क को उजागर कर देती है। जिससे ओड़िसा से चलने वाला गांजा का रहस्यमयी कारोबार सरगुजा संभाग पहुंचने के पहले पड़ने वालों जिलों मे पुलिस की कार्यप्रणाली, सीमावर्ती निगरानी और खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करने लगती है।

कठोर कार्रवाई के बिना कैसे रुकेगा नशे का कारोबार?

स्थानीय लोगों का मानना है कि तस्करी में भारी मुनाफा, कानूनी प्रक्रिया की धीमी गति और आरोपियों को जल्दी राहत मिलने की धारणा इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है।

कानून के जानकारों के अनुसार, नशामुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल गांजा पकड़ने तक सीमित नहीं रह सकता। तस्करी के नेटवर्क, इसमें मिलने वाले राजनैतिक व सरकारी संरक्षण,वित्तीय लेनदेन, वाहन मालिकों की जवाबदेही और आरोपियों के विरुद्ध समयबद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई पर भी ध्यान देना होगा। तब ही जाकर अब प्रदेश ही नहीं वरन देश मे अमरबेल की तरह फैल रहे इस गैर कानूनी कारोबार को रोकने मे सफलता पाई जा सकती है वरना वरना?

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