गांजा तस्करों पर जशपुर पुलिस का करारा प्रहार, 440 किलो से अधिक गांजा जब्त; ऑपरेशन आघात की प्रभावी कार्रवाई की सराहना
छत्तीसगढ़ –
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध जशपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन आघात लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। पुलिस की सतर्कता, मुस्तैदी और सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। लावाकेरा पुलिस चेकिंग बैरियर पर पुलिस की संयुक्त टीम ने 440.63 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
जशपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की प्रतिबद्धता भी दर्शाती है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजे को मिर्ची की बोरियों के नीचे छिपा रखा था, लेकिन पुलिस की सूक्ष्म जांच और सतर्कता के सामने उनकी चालाकी काम नहीं आई।

डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में जशपुर पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई सराहनीय है। जनवरी 2026 से अब तक 16 प्रकरणों में 1906 किलोग्राम गांजा बरामद कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना पुलिस की निरंतर सक्रियता को दर्शाता है।
विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग व्यवस्था मजबूत कर तस्करी के प्रयासों को विफल करना पुलिस की सजग कार्यप्रणाली का परिचायक है। इस कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स टीम एवं तपकरा पुलिस की भूमिका भी प्रशंसनीय रही है l
माना जा सकता है कि छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले की सीमाओं का उपयोग नशे के अवैध कारोबार के लिए करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं तस्करी के स्रोत और इसके अंतिम नेटवर्क तक पहुंचने के लिए जारी विवेचना से इस कार्रवाई का दायरा और व्यापक होने की भी संभावना है।
कहा जा सकता है कि नशे के विरुद्ध जशपुर पुलिस की यह मुहिम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।






