पीएम ग्रामीण आवास में बड़ा एक्शन: अब तक 84 बर्खास्त, 11 पर विभागीय कार्रवाई; बलरामपुर में सबसे ज्यादा गाज

छत्तीसगढ़ – प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में भ्रष्टाचार और हेराफेरी अब जिम्मेदारों के लिए भारी पड़ रही है। गरीबों के पक्के घर का सपना पूरा करने वाली इस योजना में अनियमितता, राशि के दुरुपयोग और नियमों से खिलवाड़ के मामलों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। बताया जाता है कि अब तक 84 लोगों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि 11 के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की सबसे ज्यादा मार बलरामपुर जिले में पड़ने की बात कही जा रही है।

बताया जाता है कि पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आती रही थी । कहीं अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने, कहीं हितग्राहियों के नाम पर राशि के हेरफेर और कहीं निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोपों ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे थे । सरकार ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है।

प्रशासनिक जांच में जिन मामलों में जिम्मेदारी तय हुई, वहां संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की गई। बर्खास्तगी और विभागीय कार्रवाई का यह सिलसिला साफ संकेत दे रहा है कि गरीबों के आवास की राशि में गड़बड़ी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खास तौर पर बताया जाता है कि बलरामपुर जिला में सामने आए मामलों ने प्रशासन को कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। यहां योजना के क्रियान्वयन में हुई कथित गड़बड़ियों और हेराफेरी को लेकर कार्रवाई का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है।

जिससे सरकार का फोकस अब केवल दोषियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि योजना की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और पात्र हितग्राहियों तक आवास की राशि पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर भी है। इसी क्रम मे 84 बर्खास्तगी और 11 पर विभागीय कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि पीएम ग्रामीण आवास में भ्रष्टाचार पर अब कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसमें शामिल रहने के प्रमाण मिलने पर किसी न किसी प्रकार की गाज गिरना भी अब तय होता जा रहा है l

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