विजयादशमी पर सरगुजा पुलिस ने किया शस्त्र एवं वाहन पूजन, हवन-मंत्रोच्चार के बीच मांगी सुख-शांति की कामना
असत्य पर सत्य की विजय का संकल्प, शस्त्रों की पूजा से सुरक्षा का प्रण!
सरगुजा – विजयादशमी के पावन पर्व पर सरगुजा पुलिस ने रक्षित केंद्र अंबिकापुर सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकियों में पारंपरिक विधि-विधान से शस्त्र एवं वाहन पूजन किया। मंत्रोच्चार और हवन के बीच पुलिस अधिकारियों ने जिले में सुख-शांति, कानून व्यवस्था की मजबूती तथा आम नागरिकों की सुरक्षा एवं न्याय की कामना की। पूजन के पश्चात पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा एवं डी आई जी राजेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने हर्ष फायर किया।

शक्ति की आराधना और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है शस्त्र पूजन-
भारतीय संस्कृति में विजयादशमी को अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व शक्ति, साहस और धर्म की स्थापना का संदेश देता है। शस्त्र पूजन की परंपरा का संबंध प्राचीन काल से रहा है, जब योद्धा युद्ध में प्रयुक्त होने वाले अस्त्र-शस्त्रों की पूजा कर विजय की कामना करते थे। भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय इस पर्व के प्रमुख धार्मिक संदर्भ हैं। कालांतर में यही परंपरा पुलिस एवं सुरक्षा बलों में भी कर्तव्य, शक्ति और जनरक्षा के संकल्प का प्रतीक बनी।
पुलिस लाइन अंबिकापुर स्थित शस्त्रागार से हथियारों को निकालकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा पूजन के बाद उन्हें सुरक्षित रख दिया गया। जिले के सभी थानों एवं चौकियों में भी थाना प्रभारियों ने शस्त्र पूजन किया।

पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने कहा कि विजयादशमी सत्य के मार्ग पर चलने और शांति बनाए रखने की प्रेरणा देती है। वहीं, राजेश कुमार अग्रवाल ने नागरिकों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरगुजा पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन की सेवा और सुरक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।
शस्त्र पूजन के साथ सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि शक्ति का वास्तविक उद्देश्य भय नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, न्याय और शांति की स्थापना है।





