तीन राज्यों की पुलिस का बड़ा सुरक्षा संकल्प: जशपुर में तस्करी और अपराध के खिलाफ बनेगी संयुक्त रणनीति
गांजा, गौ तस्करी, अवैध धान और खनिज परिवहन पर शिकंजा कसने की तैयारी, सीमावर्ती जिलों में बढ़ेगी निगरानी, अपराधियों की धरपकड़ के लिए साझा होगा सूचनाओं का नेटवर्क
छत्तीसगढ़ – जशपुर – सीमाएं अपराधियों के लिए बच निकलने का रास्ता नहीं, बल्कि कानून की संयुक्त निगरानी का मजबूत घेरा बनें—इसी लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बैठक जशपुर में आयोजित हुई। इस बैठक ने तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में अपराध, तस्करी और अवैध परिवहन के विरुद्ध साझा कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
डीआईजी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अधिकारियों ने गांजा तस्करी, गौ तस्करी, अवैध धान एवं खनिज परिवहन और अंतरराज्यीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सीमाओं का लाभ उठाकर अपराध करने वाले गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए केवल अलग-अलग जिलों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं, बल्कि मजबूत समन्वय और त्वरित सूचना तंत्र जरूरी है।

ओडिशा से गांजा तस्करी रोकने, संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित करने, संदिग्ध वाहनों की जांच और तस्करों का साझा डेटाबेस तैयार करने पर जोर दिया गया। स्थायी वारंटियों एवं निगरानी बदमाशों की सूची साझा कर संयुक्त गिरफ्तारी अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई।
यह बैठक तीन राज्यों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अपराध और तस्करी की चुनौती किसी एक राज्य की सीमा में सीमित नहीं रहती। अब संयुक्त रणनीति का वास्तविक लक्ष्य इसे जमीन पर प्रभावी बनाना है। बेहतर समन्वय, नियमित जांच और समयबद्ध कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत होने तथा आम नागरिकों में विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।





