नेशनल कॉन्फ्रेंस में इस्तीफों का दौर! आगा रोहुल्ला के विद्रोह से उमर अब्दुल्ला की सियासत को बड़ा

नई दिल्ली — जम्मू-कश्मीर की सियासत में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया। श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रोहुल्ला मेहदी ने बडगाम में समर्थकों की विशाल रैली के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफे का ऐलान कर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। रोहुल्ला ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के चुनाव में उनका इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए किया, लेकिन सत्ता मिलने के बाद जनता से किए वादों को भुला दिया। उन्होंने अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों के संरक्षण के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व को घेरा।

रोहुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के साधारण नेता नहीं, बल्कि कश्मीर में पार्टी के प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे हैं। तीन बार बडगाम से विधायक और 2024 के चुनाव में पार्टी के प्रमुख प्रचारक रहे रोहुल्ला की शिया समुदाय तथा मध्य कश्मीर में मजबूत राजनीतिक पकड़ है।

उनका इस्तीफा उमर अब्दुल्ला सरकार के लिए दोहरी चुनौती है। मंत्रिमंडल में असंतोष के बीच यह विद्रोह पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। रोहुल्ला का अलग राजनीतिक मंच बनाने का संकेत कश्मीर में नए समीकरणों की संभावना बढ़ाता है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए अब सवाल सिर्फ एक सांसद का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और नेतृत्व की साख का है।

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