सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील की सराहनीय पहल, शिवधाम में महिलाओं ने लिया नशा मुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प

छत्तीसगढ़ – नशे के खिलाफ जंग केवल प्रशासन की कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसकी असली शुरुआत परिवार से करनी होगी। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए सूरजपुर जिले की कलेक्टर रेना जमील ने धार्मिक महिला पर्व के अवसर पर शिवधाम में महिलाओं को नशामुक्त समाज निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान महिलाओं ने नशे के खिलाफ सामूहिक शपथ लेकर समाज और परिवार को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

घर से शुरू हो नशे के खिलाफ बदलाव-

कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि नशामुक्त समाज की शुरुआत घर से होनी चाहिए। नशे के खिलाफ केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। जब परिवार और समाज एकजुट होकर नशे के विरुद्ध आवाज उठाएंगे, तभी स्थायी बदलाव संभव होगा। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों में सबसे अधिक प्रताड़ना और परेशानी महिलाओं को ही झेलनी पड़ती है, इसलिए अब महिलाओं को ही सशक्त कदम उठाकर नशे के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभानी होगी।

लखनपुर से निकली जागृति बनी मिसाल-

नशामुक्ति की इस मुहिम को सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के केवरी गांव में जागरूकता से मिली सफलता से भी प्रेरणा मिलती है। वहां ग्रामीणों ने शराब पीकर आने अथवा शराब लेकर आने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की पहल शुरू की थी। इस सामूहिक जागृति ने गांव के माहौल में सकारात्मक बदलाव लाया और इसकी व्यापक सराहना हुई।

एक चिंगारी अब बन रही ज्वाला-

सरगुजा के केवरी लखनपुर से स्वतः ही उठी जागरूकता की यह चिंगारी अब दूसरे जिलों तक पहुंचकर ज्वाला का रूप ले रही है। सूरजपुर में कलेक्टर रेना जमील की पहल इसी अभियान को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। महिलाओं को नशामुक्ति अभियान का आधार बनाकर परिवारों को सुरक्षित और सशक्त बनाने की यह पहल यदि सतत जारी रहती है तो सूरजपुर जिला मे प्रशासन की नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में कलेक्टर रेना जमील का यह प्रयास मील का पत्थर भी साबित हो सकता है।

About The Author