लोकसंस्कृति के सुरों में गूंजा विकासशील कोरिया का संकल्प, राज्योत्सव की अविस्मरणीय शाम ने रचा इतिहास
लोककला, सांस्कृतिक वैभव और विकास की झलकियों से सजा भव्य आयोजन, देर रात तक कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमता रहा कोरिया। कलेक्टर रुक्तिमा यादव का संयुक्त प्रयासों से समृद्ध कोरिया बनाने का संदेश बना समारोह का प्रेरक सूत्र।
छत्तीसगढ़ – कोरिया – छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकसंस्कृति की मिठास और सुरों की अविरल सरिता जब एक मंच पर उतरी तो कोरिया का राज्योत्सव महज एक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं, सांस्कृतिक गौरव और विकास के संकल्प का अनुपम उत्सव बन गया। कोरिया में सजे इस भव्य समारोह ने अपनी उत्कृष्ट व्यवस्था, मनोहारी प्रस्तुतीकरण और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों से जिलेवासियों के हृदय पर अमिट छाप छोड़ी।
लोकगीतों की मधुर तान, लोकनृत्यों की थिरकन और कलाकारों की मंचीय प्रतिभा ने ऐसा समां बांधा कि बच्चे, युवा और बुजुर्ग देर रात तक तालियों की गूंज के बीच झूमते और मुग्ध होते रहे। प्रसिद्ध लोकगायक संजय सुरीला की प्रस्तुतियों ने तो मानो पूरे वातावरण को छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत के रंग में सराबोर कर दिया।


समारोह में विधायक भैयालाल राजवाड़े ने स्वस्थ और समृद्ध कोरिया के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताते हुए विकास में जनभागीदारी का आह्वान किया।
वहीं कलेक्टर रोक्तिमा यादव का यह प्रेरक संदेश कि सबके प्रयास और जनभागीदारी से कोरिया अपनी नई पहचान गढ़ेगा आयोजन की मूल भावना को सार्थक करता नजर आया। उनकी पहल, सकारात्मक सोच और प्रोत्साहक प्रयासों ने संस्कृति के उत्सव को विकास के साझा संकल्प से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
निश्चित ही यह राज्योत्सव कोरिया की सांस्कृतिक अस्मिता, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनएकजुटता का सुंदर प्रतिबिंब बनकर लंबे समय तक स्मृतियों में जीवंत रहेगा।





