किराए के बैंक खातों का बढ़ता जाल-, साइबर ठगों के लिए छत्तीसगढ़ बना नया ठिकाना?

बेमेतरा में 11 गिरफ्तार,- ग्रामीण इलाकों से निकलकर अब शहरों तक पहुंचा ‘खाता किराए’ का कारोबार-
छत्तीसगढ़ –साइबर ठगी का नेटवर्क अब सिर्फ मोबाइल, फर्जी लिंक और डिजिटल तकनीक तक सीमित नहीं रह गया है। ठगी की रकम को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने और निकालने के लिए साइबर अपराधियों ने किराए के बैंक खातों का ऐसा जाल खड़ा कर लिया है, जिसकी पहुंच अब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों से निकलकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। बेमेतरा में हाल ही में 11 ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी ने इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

बताया जाता है कि साइबर ठग आम लोगों को मोटे कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते हैं। इन खातों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में की गई ऑनलाइन ठगी की रकम जमा कराई जाती है और बाद में अलग-अलग माध्यमों से उसे निकाल लिया जाता है। इस पूरी व्यवस्था में खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति कई बार खुद ठगी का मास्टरमाइंड नहीं होता, लेकिन उसका बैंक खाता साइबर अपराध की सबसे अहम कड़ी बन जाता है।

अब तक ऐसी गतिविधियों की शिकायतें सरगुजा और बस्तर संभाग के ग्रामीण इलाकों से अधिक जुड़ी बताई जाती थीं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में भी इस नेटवर्क की मौजूदगी चिंता बढ़ाने वाली है। बेमेतरा की कार्रवाई के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड और अन्य कड़ियों की तलाश तेज कर दी है।

सबसे बड़ी चुनौती यही है कि साइबर ठगी का यह खेल बेहद संगठित और परतदार है। एक खाते के पीछे कई मोबाइल नंबर, फर्जी पहचान, डिजिटल वॉलेट और अलग-अलग राज्यों में बैठे अपराधियों का नेटवर्क जुड़ा हो सकता है। ऐसे में केवल खाताधारकों की गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है।

जरूरत अब ऐसी विशेष साइबर अपराध रणनीति और राज्यस्तरीय समन्वित तंत्र की है, जो बैंकिंग लेन-देन, संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों और अलग-अलग राज्यों के साइबर नेटवर्क को एक साथ ट्रैक कर सके। वरना आज किराए का बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति पुलिस की गिरफ्त में है, तो कल इसी खाते से ठगी का शिकार कोई आम नागरिक भी हो सकता है।

कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ मे साइबर ठगी की लड़ाई अब सिर्फ ठगों के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरे ‘किराए के खाते’ के इकोसिस्टम के भी खिलाफ है, जो अपराधियों को ठगी की रकम का रास्ता उपलब्ध करा रहा है।

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