आपके रक्त की एक बूंद, किसी की जिंदगी की आखिरी उम्मीद बन सकती है -रोक्तिमा
24 सितंबर को बैकुंठपुर में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर — कलेक्टर रोक्तिमा ने कहा, “रक्तदान केवल दान नहीं, किसी अनजान को जीवन देने का संकल्प है”
छत्तीसगढ़ – किसी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझता मरीज… किसी मां की सूनी आंखों में अपने बच्चे को बचाने की उम्मीद… सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की धड़कनों को थामे रखने की कोशिश… ऐसे कठिन वक्त में आपके शरीर से निकली रक्त की एक यूनिट किसी के लिए नई जिंदगी की शुरुआत बन सकती है।

इसी मानवीय संवेदना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ के कोरिया मे विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।यह शिविर एसईसीएल क्लब, गौतम सदन, ऑफिसर्स कॉलोनी, बैकुंठपुर में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान पर
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि “खून की हर बूंद किसी न किसी के लिए सांस के समान है। देना ही जीना है।” उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी पहचान या रिश्ते का मोहताज नहीं होता। हम जिस व्यक्ति को जानते तक नहीं, उसके जीवन को बचाने में हमारा रक्त अमूल्य भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में घायल लोगों, गंभीर रोगियों, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों तथा प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता वाली महिलाओं के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकता है। इसलिए रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारा सबसे जीवंत योगदान है।

इस आयोजन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह का कहना था कि इस शिविर का उद्देश्य जिले के रक्त कोष को मजबूत करना तथा आपात परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। जिसमे
18 से 60 वर्ष की आयु तथा 45 किलोग्राम से अधिक वजन वाले स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय जांच एवं निर्धारित पात्रता के अनुसार रक्तदान कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों, युवाओं, व्यापारियों, पत्रकारों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों सहित आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है।
डाक्टर बलवंत सिंह का कहना है कि
आपका दिया हुआ रक्त कुछ समय बाद आपके शरीर में फिर बन जाएगा, लेकिन किसी जरूरतमंद के लिए वही रक्त उसकी जिंदगी लौटा सकता है।





