सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत की सख्ती का असर: लाल माटी में 2.39 एकड़ सरकारी जमीन की फर्जी खरीद-बिक्री बेनकाब
भू-माफिया की मिलीभगत और फर्जीवाड़े पर चला प्रशासन का शिकंजा, एसडीएम कोर्ट ने बिक्री शून्य घोषित कर जमीन शासकीय अभिलेख में दर्ज करने का दिया आदेश
छत्तीसगढ़ –
अंबिकापुर। सरगुजा में शासकीय जमीन को भू-माफिया के कब्जे और कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी संपत्ति में तब्दील करने की कोशिशों के खिलाफ कलेक्टर अजीत बसंत द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। अंबिकापुर के लाल माटी क्षेत्र में करीब 2.39 एकड़ शासकीय भूमि की फर्जी खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। मामले में प्रशासनिक जांच और राजस्व अभिलेखों के आधार पर एसडीएम न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए संबंधित बिक्री को शून्य घोषित कर भूमि को पुनः शासकीय मध्य में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्व रिकॉर्ड ने खोली फर्जीवाड़े की परतें-

बताया जाता है कि शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज भूमि को निजी लेन-देन के जरिए हस्तांतरित किए जाने का मामला प्रशासन की कार्रवाई के बाद उजागर हुआ। राजस्व अभिलेखों में भूमि की शासकीय स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद उसकी खरीद-बिक्री किए जाने से पूरे मामले में भू-माफिया की भूमिका और मिलीभगत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासनिक आदेश के बाद अब यह भूमि शासन के खाते में वापस दर्ज होने की प्रक्रिया में है।
कलेक्टर के अभियान से भू-माफिया में बढ़ी बेचैनी-
लोगो का कहना है कि कलेक्टर अजीत बसंत ने पदस्थापना के बाद से अंबिकापुर सहित सरगुजा जिले में शासकीय जमीन पर किए गए सुनियोजित कब्जों, फर्जी तरीके से तैयार कराए गए पट्टों और राजस्व रिकॉर्ड में की गई गड़बड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। जिससे लगातार हो रही कार्रवाई से लंबे समय से सरकारी जमीन पर नजर गड़ाए बैठे भू-माफिया में बेचैनी बढ़ी है।
अन्य राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी-
ऐसे मामलों में अन्य राज्यों से आए कुछ लोगों की संदिग्ध भूमिका की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। शासकीय भूमि की कथित जालसाजी, फर्जी दस्तावेज और अवैध हस्तांतरण जैसे मामलों में प्रशासन द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच किए जाने की आवश्यकता इस दिशा मे है।
कलेक्टर अजीत बसंत की सख्ती और राजस्व अमले की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा अथवा फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी अधिकार कायम करने की कोशिश अब आसान नहीं होगी। लाल माटी की 2.39 एकड़ जमीन की वापसी को प्रशासन की मुहिम की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जिससे आने वाले दिनों में ऐसी और शासकीय जमीनों को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराकर शासन के रिकॉर्ड में वापस लाने की उम्मीद बढ़ी है।






