दीपावली की रोशनी में महिला हुनर को सम्मान, कलेक्टर रोक्तिमा यादव की नेक सोच ने जीता दिल
महिला स्व-सहायता समूहों के स्टॉल पर पहुंचकर कलेक्टर ने खरीदे मिट्टी के दीये और झालर, स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन देने की अपील बनी महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल
छत्तीसगढ़ – कोरिया -दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में उम्मीद, सम्मान और खुशहाली की रोशनी पहुंचाने का भी अवसर है। इसी भावना को साकार करते हुए कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार मिट्टी के दीये और आकर्षक झालर खरीदकर सामाजिक संवेदनशीलता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय हुनर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रेरक संदेश दिया।
कोरिया मुख्यालय बैकुंठपुर मे समाज कल्याण विभाग, के सामने लगाए गए स्टॉल पर पहुंचकर कलेक्टर ने महिला समूहों के उत्पादों की खरीदारी की और उनके परिश्रम की सराहना की। जिले की प्रशासनिक मुखिया का स्वयं स्टॉल पर पहुंचना, उत्पाद खरीदना और महिला हुनरमंदों का उत्साह बढ़ाना निश्चित ही उनके लिए सम्मान और आत्मविश्वास का अनमोल क्षण रहा।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव की यह पहल केवल खरीदारी नहीं, बल्कि महिला श्रम, स्वावलंबन और आत्मसम्मान को सम्मानित करने की संवेदनशील सोच है। जब प्रशासन का नेतृत्व स्थानीय महिलाओं के बनाए उत्पादों को अपनाता है, तो यह संदेश समाज तक पहुंचता है कि मेहनत से निर्मित वस्तुएं केवल सामान नहीं, बल्कि परिवारों की आजीविका और सपनों की पहचान हैं।

कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि इस दीपावली स्व-सहायता समूहों और स्थानीय कुम्हार परिवारों के मिट्टी के दीये खरीदें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को नई ऊर्जा मिलेगी।
धार्मिक दृष्टि से दीपावली प्रकाश, प्रेम और मंगल का पर्व है। सामाजिक दृष्टि से किसी जरूरतमंद परिवार की मेहनत को सम्मान देना ही इसकी वास्तविक सार्थकता है।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव की यह नेक पहल संदेश देती है कि इस दीपावली अपने घर के साथ किसी मेहनतकश परिवार के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाएं। स्थानीय हुनर को सम्मान दें, महिला शक्ति को आगे बढ़ाएं और आत्मनिर्भर कोरिया के निर्माण में सहभागी बनें।





