यूपी में BJP का बड़ा टिकट प्लान? 120 विधायकों पर संकट, एंटी-इनकंबेंसी ने बढ़ाई चिंता
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी अपने मौजूदा विधायकों को लेकर बड़े स्तर पर मंथन करती नजर आ रही है। पार्टी के आंतरिक आकलन और जमीनी फीडबैक में बड़ी संख्या में विधायकों के खिलाफ नाराजगी सामने आने की चर्चा है। राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि करीब 120 मौजूदा विधायकों के टिकट पर पार्टी दोबारा विचार कर सकती है। हालांकि अंतिम फैसला बीजेपी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
बताया जा रहा है कि जिन विधायकों के खिलाफ क्षेत्र में जबरदस्त एंटी-इनकंबेंसी, कमजोर जनसंपर्क, संगठन से दूरी और जनता की नाराजगी जैसे फीडबैक मिल रहे हैं, उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इस संभावित बदलाव की जद में कुछ मंत्री और वरिष्ठ विधायक भी आ सकते हैं।

बताया जाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदर्शन में आई गिरावट ने पार्टी नेतृत्व को विधानसभा चुनाव के लिए और सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि अब टिकट वितरण से काफी पहले ही विधायकों की जमीनी पकड़, संगठन में स्वीकार्यता और क्षेत्रीय समीकरणों का आकलन किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व जातीय समीकरण और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी महत्वपूर्ण मान रहा है।


कहा जाता है कि बीजेपी की रणनीति केवल टिकट काटने तक सीमित नहीं दिख रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन 115 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस बढ़ाया है, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष को बढ़त मिली थी। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए माहौल बदलने की कोशिश हो रही है।
ऐसे में उत्तरप्रदेश मे 2027 का चुनाव बीजेपी के लिए सिर्फ सत्ता बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन की परीक्षा भी बनने जा रहा है। यदि पार्टी बड़े पैमाने पर टिकट में बदलाव करती है तो यह यूपी बीजेपी में अब तक के सबसे बड़े चुनावी रीसेट में से एक माना जा सकता है। वहीं अन्य विपक्षीयो के लिए इससे खतरे की घंटी कहा जा सकता है





