बस्तर की बाढ़ से उजड़े आशियाने, पीड़ितों के बीच पहुंचे डॉ. चरणदास महंत; सरकार की राहत व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ –
बाढ़ की तबाही से जूझ रहे बस्तर में जनजीवन पटरी पर लौटने की जद्दोजहद कर रहा है। कहीं घरों में मलबा पसरा है, कहीं किसानों की मेहनत पानी में बह गई है, तो कहीं परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे हालात में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बस्तर प्रवास कर बाढ़ प्रभावितों की स्थिति जानने और उनकी समस्याएं सुनने पहुंचे


डॉ. महंत के साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सुखदेव भगत दंतेवाड़ा पहुंचे। इस दौरे में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की परेशानी के साथ आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े सवाल भी प्रमुखता से उठे। कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित लोगों की समस्याओं को समझने और उनके अधिकारों की लड़ाई में साथ खड़े रहने की बात कही।
बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान, फसलों, पशुधन और सड़क-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इससे पहले राहत व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए पर्याप्त मुआवजे, दोबारा राशन वितरण, बच्चों की शैक्षणिक सामग्री और स्वास्थ्य शिविरों की मांग उठाई थी।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बाढ़ दौरे और सरकारी राहत व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी का आरोप रहा कि प्रभावित परिवारों को नुकसान के अनुपात में सहायता नहीं मिली। वहीं, सरकार की ओर से राहत और पुनर्वास की भरपूर कोशिश की बात कही जा रही है
छत्तीसगढ़ मे बस्तर की इस त्रासदी ने साफ कर दिया है कि प्रभावित परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी सर्वेक्षण, पर्याप्त मुआवजा, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की शीघ्र मरम्मत चाहिए। अब असली कसौटी यही है कि राजनीतिक दौरों के बाद पीड़ितों तक ठोस मदद कितनी पहुंचती है।





