जान है तो जहान है: सूरजपुर में मंत्री से प्रशासन तक ने हेलमेट पहनकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश
दौड़ेगा सूरजपुर, जीतेगा सूरजपुर’ की थीम पर निकली जागरूकता रैली, हेलमेट की अनिवार्यता और गोल्डन ऑवर में घायलों की मदद पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ – सड़क पर रफ्तार से ज्यादा जरूरी जिंदगी है और मंजिल से ज्यादा अनमोल सुरक्षित घर लौटना। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जिला प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में भव्य हेलमेट जागरूकता रैली निकाली गई। ‘जान है तो जहान है’ के मूल मंत्र और ‘दौड़ेगा सूरजपुर, जीतेगा सूरजपुर’ की थीम के साथ निकली इस रैली में मंत्री, विधायक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा की मिसाल पेश की।
राजमोहनी माता चौक से साधुराम सेवाकुंज तक आयोजित रैली को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसमे प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, कलेक्टर रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, जनप्रतिनिधियों युवाओं, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

हेलमेट केवल नियम नहीं, जीवन की सुरक्षा का कवच-
रैली के माध्यम से दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति में वाहन चलाने और लापरवाही से बचने की अपील की गई। संदेश स्पष्ट था कि कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी में जिंदगी को खतरे में डालना समझदारी नहीं है। हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गोल्डन ऑवर में मदद, बच सकती है जान-
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला प्रशासन और पुलिस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया गया।
सड़क सुरक्षा सप्ताह का संदेश, हर नागरिक की जिम्मेदारी-
इस रैली ने संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस का अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। हेलमेट पहनने की आदत, नियमों का पालन और दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद अनेक जिंदगियां बचा सकती है। सूरजपुर की इस पहल का संकल्प यही है—सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें, क्योंकि जान है तो जहान है।





