सेवा ही संस्कार, शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का आधार: सेवा संकल्प अभियान से नन्हे-मुन्नों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने आंगनबाड़ी केंद्र हर्रा में बच्चों को बांटे खिलौने, जनसहयोग से बाल विकास और प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने की प्रेरक पहल
छत्तीसगढ़ – सेवा ही सच्चा धर्म है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण समाज की सर्वोच्च जिम्मेदारी। इसी सेवाभावी भावना को साकार करते हुए सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने मनेन्द्रगढ़ परियोजना के नागपुर सेक्टर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र हर्रा में जनसहयोग से प्राप्त खिलौनों का बच्चों को वितरण किया। यह पहल न केवल नौनिहालों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का माध्यम बनी, बल्कि उनके रचनात्मक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देने का सार्थक प्रयास भी है।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री दुग्गा ने आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। खिलौनों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने, नई कल्पनाएं विकसित करने और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रंगों, आकृतियों, संख्याओं और विभिन्न खेल आधारित गतिविधियों से बच्चों की जिज्ञासा, एकाग्रता, संवाद कौशल तथा समस्या समाधान की प्रारंभिक क्षमता को प्रोत्साहन मिलेगा।

जनभागीदारी से संस्कार, शिक्षा और सेवा का संगम-

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से एमसीबी जिले में जनसहयोग को बाल विकास से जोड़ने की यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय संवेदना और सामूहिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण है। आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल-अनुकूल बनाने की दिशा में खिलौने एवं शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

बच्चे देश का भविष्य ही नहीं, समाज की सबसे अनमोल धरोहर हैं। उनके सर्वांगीण विकास में परिवार, समाज और प्रशासन की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनसहयोग से उपलब्ध संसाधन बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में आनंदमय शैक्षणिक वातावरण विकसित करने में सहायक होंगे।

सेवा, संस्कार और सहयोग की भावना से प्रेरित यह अभियान समाज को संदेश देता है कि जब जनभागीदारी और जनकल्याण एक साथ आगे बढ़ते हैं, तब हर बच्चे के सपनों को साकार करने की राह प्रशस्त होती है।

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