पाइपलाइन गैस सुविधा बनी ‘जी का जंजाल’- सिलेंडर बुकिंग बंद होने से मनेद्रगढ़ में भड़क रहा है उपभोक्ताओं का आक्रोश
जहां पाइपलाइन पहुंची ही नहीं, वहां भी सिलेंडर बुकिंग बंद- मनमाने बिल ने बढ़ाई चिंता- गैस एजेंसियां भी समाधान देने में असमर्थ
छत्तीसगढ़ – केंद्र सरकार व पेट्रोलियम कम्पनियो द्वारा घर-घर पाइपलाइन से गैस पहुंचाने की सुविधा को आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्था के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिला मुख्यालय मनेद्रगढ़ में यही सुविधा अब कई उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनती दिखाई दे रही है। हालात यह हैं कि जिन इलाकों में अभी तक पाइपलाइन बिछी ही नहीं है और लोगों के घरों में पाइपलाइन गैस कनेक्शन भी नहीं हुआ, वहां भी घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से उपभोक्ताओं के सामने चूल्हा जलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
मनमाने बिल ने उड़ाए उपभोक्ताओं के होश-

एमसीबी के मनेंद्रगढ़ मे पाइपलाइन गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को जब पहला बिल मिला तो कई लोगों के होश उड़ गए। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछली राशि की तुलना में बिल कई गुना अधिक आया है। ऐसे में पाइपलाइन गैस की वास्तविक दर, मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों की मांग है कि कंपनी बिलिंग की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी करे और गलत बिलों का तत्काल निराकरण किया जाए।

‘रायपुर से बंद हुआ कनेक्शन’ कहकर लौटाए जा रहे उपभोक्ता-
इस सब घटना क्रम मे बिना गैस पाइप बिछे व कनेक्शन लिए लोगो कीऑनलाइन गैस बुकिंग सुविधा बंद होने से परेशान उपभोक्ता गैस एजेंसी पहुंचकर जानकारी लेने वाले उपभोक्ताओं की हालत और खराब बताई जाती है जिनको कथित तौर पर यह बताया जा रहा है कि सिलेंडर की बुकिंग रायपुर स्तर से बंद की गई है। सबसे गंभीर स्थिति उन परिवारों की है, जिनके क्षेत्रों में अभी पाइपलाइन बिछी ही नहीं है। ऐसे उपभोक्ता न पाइपलाइन गैस का लाभ ले पा रहे हैं और न ही सिलेंडर आसानी से बुक करा पा रहे हैं।
आधी-अधूरी व्यवस्था से बढ़ रही परेशानी-
इस सबंध मे पेट्रोलियम कम्पनियो की आधी अधूरी तैयारी अब सबके लिए मुसीबत बन रही है वास्तव मे पाइपलाइन गैस योजना को लागू करने से पहले क्षेत्रवार पाइपलाइन, कनेक्शन, मीटर और बिलिंग व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित नहीं करने का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जिसमे गैस एजेंसियों के पास भी तत्काल समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
यदि समय रहते पाइपलाइन गैस का सुचारु वितरण, पारदर्शी मीटर रीडिंग और उचित बिलिंग सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह व्यवस्था आने वाले समय में केंद्र और राज्य शासन के लिए एक बड़ी प्रशासनिक और जन असंतोष की चुनौती बन सकती है। बताया जाता है कि उपभोक्ताओं का असंतोष व्यापक हुआ तो इसका राजनीतिक प्रभाव और मतदाताओं के रुख पर भी पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।






