उड़ीसा से एमपी-यूपी तक गांजे की तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी सरगुजा पुलिस
डीजीपी अरुण देव गौतम और आईजी दीपक झा के सख्त निर्देशों का असर—एमसीबी में 919 किलो गांजा, दो वाहन और छह आरोपी पकड़ाए- जून में भी 565 किलो की बड़ी खेप हुई थी बरामद
छत्तीसगढ़ – उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते दूसरे राज्यों तक गांजे की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ सरगुजा रेंज पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाईवे पुलिसिंग को मजबूत करने और प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध वाहनों की प्रभावी जांच के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। बीते कुछ दिनों में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में लगातार बड़ी मात्रा में गांजा और तस्करी में प्रयुक्त वाहन पकड़े जाने से तस्करों के नेटवर्क में खलबली मची है।
अभी ताज़ा ताजा एमसीबी जिले की हाईवे नागपुर चौकी ने कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से आ रहे दो वाहनों से 919 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में छह आरोपियों को पकड़े गए है। यह कार्रवाई हाईवे पर पुलिस की सक्रिय निगरानी और संयुक्त कार्रवाई की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।

जून में भी पकड़ी गई थी डेढ़ करोड़ की खेप-
इससे पहले जून माह में हाईवे नागपुर चौकी और पोड़ी थाना पुलिस के संयुक्त प्रयास से 565 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई थी, दो वाहनों सहित बरामद किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि पुलिस ने हाईवे रूट पर गांजा तस्करी के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को प्राथमिकता दी है।
उड़ीसा से कई राज्यों तक फैला है तस्करी का रूट-

बताया जाता है कि पुलिस जांच में यह पहलू महत्वपूर्ण है कि गांजा तस्करी का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता। जानकारी के अनुसार उड़ीसा से गांजा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से होते हुए झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक पहुंचाने के लिए संगठित तरीके से परिवहन किया जाता है। गिरोह के बड़े संचालक अन्य राज्यों में बैठकर स्थानीय स्तर पर वाहनों और तस्करों के माध्यम से खेप भेजते हैं—ऐसे नेटवर्क की वास्तविक कड़ियों का खुलासा अब जांच के आगे बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण होगा।
जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर में भी बड़ी कार्रवाई-
सरगुजा रेंज में जशपुर पुलिस और सरगुजा पुलिस के संयुक्त प्रयासों से बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने के साथ बलरामपुर पुलिस ने भी गांजे की बड़ी खेप बरामद की है। लगातार हो रही कार्रवाई बताती है कि रेंज के विभिन्न जिलों में तस्करी के खिलाफ समन्वित अभियान को गति मिली है।
हाईवे पुलिसिंग को मिले और संसाधन तो बढ़ेगा असर-
गांजा तस्करी जैसे संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश के लिए हाईवे चौकियों और प्रमुख थाना क्षेत्रों में पुलिस बल, वाहन, तकनीकी संसाधन तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। लगातार सफल कार्रवाइयों से पुलिस बल का मनोबल बढ़ा है। अब चुनौती केवल वाहन और गांजा पकड़ने तक सीमित न रहकर खेप भेजने वालों, आर्थिक लेन-देन कराने वालों और दूसरे राज्यों में बैठे नेटवर्क संचालकों तक पहुंचने की है। यदि इन कड़ियों को जोड़कर पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो उड़ीसा से उत्तर और मध्य भारत तक संचालित गांजा तस्करी के नेटवर्क पर निर्णायक दबाव बनाया जा सकता है।






