टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीन आरोपी कोटा में गिरफ्तार, 50 हजाररूपये एडवांस का खुलासा; नेपाल भागने की थी तैयारी!
मुंबई – बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी करने के बाद फरार हुए तीन संदिग्धों को कोटा राजस्थान रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में थे। मामले में 50 हजार रूपये एडवांस मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, रकम और हमले के पीछे की पूरी साजिश की जांच अभी जारी है।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी?

कोटा राजस्थान पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में हरियाणा के सोनीपत का रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रेहान की उम्र 18 वर्ष और ऋतिक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। ऋतिक मुंबई में रैपिडो बाइक टैक्सी चलाता था, जबकि अन्य आरोपी मजदूरी करते थे।
गैंग से संपर्क और 50 हजार रूपये एडवांस-
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक आरोपी के अनिल पंडित के संपर्क में होने की बात सामने आई है, जिसे पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बता रही है। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों को कथित तौर पर वारदात के लिए कुल 50 हजार रूपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किसने फायरिंग की सुपारी दी और इस साजिश में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
धमकाने के लिए गोली चलाई या हत्या की थी साजिश?

मुंबई पुलिस की जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि फायरिंग का मकसद टाइगर श्रॉफ को डराना था या उनकी हत्या करना। फिलहाल, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस हमले की योजना, आरोपियों की भूमिका और कथित गैंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।
15 मिनट में कोटा पुलिस का ऑपरेशन-
कोटा राजस्थान की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, मुंबई पुलिस से सूचना मिलने के बाद टीमों ने करीब 15 मिनट में कार्रवाई की और ट्रेन की तलाशी लेकर तीनों को पकड़ लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं। आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों को मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अब जांच इस बात पर टिकी है कि फायरिंग के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और क्या यह हमला किसी बड़ी गैंग साजिश का हिस्सा था।





