पुणे में 8 नाबालिगों की कथित अवैध हिरासत पर मानवाधिकार आयोग सख्त

महाराष्ट्र के पुणे में आठ नाबालिगों को कथित तौर पर पांच दिनों तक अवैध हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को 15 से अधिक पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इन नाबालिगों को एक हत्या के मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर पांच दिनों तक हिरासत में रखा गया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें सार्वजनिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। आयोग ने मामले को नाबालिगों के अधिकारों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े गंभीर सवाल के रूप में देखा है।

मानवाधिकार आयोग के निर्देश में पुणे के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर एक कांस्टेबल तक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। आयोग के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच और FIR की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि नाबालिगों से जुड़ी पुलिस कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और उनके अधिकारों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आयोग की कार्रवाई से पुलिस हिरासत में नाबालिगों के साथ व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।

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