कोयला रेकों से कमाई, यात्रियों से बेरुखी! नागपुर हाल्ट की बदहाली पर बिलासपुर रेल मंडल के खिलाफ फूटा आक्रोश

नागपुर हाल्ट स्टेशन पर गंदगी और जंगली घास का कब्जा, सुविधाओं के अभाव से परेशान ग्रामीण व चिरमिरी क्षेत्र की जनता; आंदोलन की तैयारी, कोयला रेक रोकने की चेतावनी
छत्तीसगढ़ – रेलवे की पटरियों पर दौड़ती कोयला रेकों से होने वाली आमदनी भले ही रेल प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो, लेकिन यात्रियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में बिलासपुर रेल मंडल की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। एमसीबी और कोरिया जिले के मध्य स्थित नागपुर रेलवे हाल्ट स्टेशन इसकी कथित उपेक्षा की तस्वीर बनकर सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे को यहां से गुजरने वाली कोयला रेकों की आवाजाही और उससे होने वाली आय से तो मतलब है, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं और स्टेशन के रखरखाव से कोई सरोकार नजर नहीं आता।

पता हो नागपुर हाल्ट स्टेशन से आसपास के कम से कम 15 गांवों के लोग यात्रा के लिए निर्भर हैं। इसके अलावा नगर निगम चिरमिरी की आबादी के लिए भी यह स्टेशन महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र है। बावजूद इसके स्टेशन परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा होने और गाजर घास सहित विभिन्न प्रकार की जंगली घास के फैलाव से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्टेशन परिसर में जहरीले जीव-जंतु निकलने का खतरा भी बना रहता है।

“रेलवे को कोयला दिखता है, यात्री नहीं”—लोगों में बढ़ता आक्रोश-

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहना है कि नागपुर हाल्ट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोयला रेक गुजरती हैं, लेकिन उसी अनुपात में यात्री सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। यही कथित असमानता अब जनाक्रोश का कारण बन रही है।

आंदोलन से जुड़े लोगों ने नागपुर हाल्ट की उपेक्षा के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा बनाने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि स्टेशन की सफाई, जंगली घास की कटाई और आवश्यक यात्री सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। यहां तक कि कोयला रेकों को रोकने की चेतावनी भी दी जा रही है।

रेलवे जैसे सार्वजनिक परिवहन तंत्र की जिम्मेदारी केवल माल ढुलाई और राजस्व अर्जित करने तक सीमित नहीं हो सकती। छोटे स्टेशनों और हाल्टों पर निर्भर आम यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है। नागपुर हाल्ट की स्थिति ने बिलासपुर रेल मंडल की प्राथमिकताओं और छोटे स्टेशनों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि रेल प्रशासन इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर यात्रियों की समस्याएं उसी तरह उपेक्षा के ढेर में दबकर आक्रोश मे आंदोलन का कारण बन जाती है?

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