सरगुजा रेंज में IG दीपक कुमार झा का सख्त संदेश: विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषसिद्धि बढ़ाने और लंबित अपराधों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश
791 दोषमुक्ति प्रकरणों की संभाग स्तरीय समीक्षा; सभी जिलों के एसपी को अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ -कोरिया – अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने, न्यायालयों में दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने और पुलिस विवेचना की खामियों को दूर करने के लिए सरगुजा रेंज पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के नेतृत्व में जिला कोरिया में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में न्यायालयीन प्रकरणों से लेकर लंबित अपराधों, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्रवाई को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना रहा।
791 दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा, विवेचना की कमियों पर फोकस-

जुलाई एवं अगस्त माह के 221 सेशन न्यायालय तथा 570 लोअर न्यायालय के कुल 791 दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आईजी श्री झा ने प्रत्येक मामले में दोषमुक्ति के वास्तविक कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और अभियोजन के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया। बलात्कार एवं पॉक्सो मामलों में पीड़िताओं के न्यायालयीन कथनों और साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
एनडीपीएस मामलों में वैधानिक प्रावधानों के अनिवार्य पालन तथा सात वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल की सहायता से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दिया गया।
सभी जिलों के एसपी को लंबित अपराधों पर सख्ती के निर्देश-
बैठक के दूसरे चरण में आईजी ने एक वर्ष से अधिक लंबित अपराधों, साइबर अपराधों, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्ययोजना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और तकनीकी पुलिसिंग की समीक्षा की।
बैठक में डीआईजी सरगुजा राजेश अग्रवाल, डीआईजी जशपुर लाल उमेद सिंह, एसपी कोरिया हरीश राठौर, एसपी बलरामपुर वैभव बैंकर, एसपी एमसीबी रत्ना सिंह एसपी सुरजपुर योगेश पटेल सहित संबंधित अधिकारी एवं लोक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजी श्री झा ने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण, त्रुटिरहित विवेचना और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहनी चाहिए।





