चित्रकूट में मंदाकिनी का प्रलय! 23 साल का रिकॉर्ड टूटा, रामघाट जलमग्न
चित्रकूट (मध्यप्रदेश )—मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश ही नहीं वरन देश मे धार्मिक नगरी के रूप मे स्थापित चित्रकूट लगातार होते तेज बारिश के चलते 23 साल का रिकॉर्ड टूट जाने से चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है वहीं मंदाकिनी के आक्रोश के चलते रामघाट जहाँ डूब गया है वहीं आरोग्यधाम और हनुमानधारा पुल ध्वस्त होने व सतना मार्ग प्रभावित होने की खबर है चित्रकूट मे लगातार होती तेज बारिश से आबादी बस्ती व कालोनीयों जलभराव होने मकानों के प्रथम तल डूबने के करीब पहुंच गए है मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी और भगवान राम के वनवास काल से जुड़े तीर्थ क्षेत्र चित्रकूट में भीषण बारिश ने प्रलय जैसा मंजर खड़ा कर दिया है। बीते 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते चित्रकूट के मध्य से बहने वाली मोक्षदायिनी मंदाकिनी नदी अपने सबसे रौद्र रूप में है। लंबे समय बाद, बल्कि 23 साल बाद मंदाकिनी इतने आक्रोश में नजर आई है। बताया जाता है कि शनिवार 29 अगस्त दोपहर तक मंदाकिनी का जलस्तर समुद्र तल से 134.650 मीटर पर पहुंच गया, जो वर्ष 2003 की ऐतिहासिक बाढ़ के रिकॉर्ड 134.500 मीटर से 15 सेमी अधिक है। बाद में यह जलस्तर 134.900 मीटर तक पहुंच गया। रामघाट पर खतरे का निशान 126.500 मीटर है, यानी नदी खतरे के निशान से 7 से 8 मीटर ऊपर बह रही है।


पुल ध्वस्त, मार्ग ठप – आवागमन पर ब्रेक–
मंदाकिनी के वेग ने कई पुलों को तबाह कर दिया है:

– आरोग्यधाम पुल डूबा: दांत के अस्पताल और चित्रकूट धाम को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह जलमग्न हो जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
– नयागांव-हनुमानधारा मार्ग का पुल: इस पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, रेलिंग का हिस्सा टूट गया है। चित्रकूट से सतना जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
– कर्वी पुल: झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कर्वी स्थित पुल की तलहटी से पानी टकरा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है,
– झूला पुल: मंदाकिनी पर बना पुराना झूला पुल भी खतरे में है।
* पानी में डूबे मकान,नाव से रेस्क्यू*—

प्रभावित बस्तियों में हालात बेहद खराब हैं:
– रामघाट: 150 से अधिक दुकानें पूरी तरह जलमग्न, तुलसी चबूतरा, आरती स्थल, निर्मोही अखाड़ा से पुरानी लंका तक मुख्य मार्ग में 5 फीट पानी। सड़कों पर नाव चल रही है।
– सीतापुर, पुरानी लंका, तरौंहा, टेंपो स्टैंड: 100 से अधिक मकानों में कमर से छाती तक पानी घुस गया है। रात भर लोग छतों पर जागकर गुजारने को मजबूर।
– दीनदयाल शोध संस्थान, सियाराम कुटीर, तुलसी पीठ: प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास जलभराव।
– शरभंगा और बरदहा नदियां भी उफान पर: मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी उफान पर है। टिकरिया डोंडा बांध में रिसाव से हड़कंप मच गया है, प्रशासन ने 4 गांव खाली कराए हैं।
– चित्रकूट में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। बोट से बाढ़ पीड़ितों को निकाला जा रहा है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों की गुहार–
प्रभावित लोगों ने शासन-प्रशासन से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और ठोस कदम उठाने की गुहार लगाई है। कलेक्टर और एसपी ने अपील की है कि घाटों और नदी किनारे न जाएं। अनाउंसमेंट कर लोगों को ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है। यूपी और एमपी दोनों राज्यों के प्रशासन ने संयुक्त कंट्रोल रूम बनाया है।
प्रशासन के अनुसार मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने शनिवार-रविवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे पानी और बढ़ने की आशंका है।
चित्रकूट धाम में फंसे हजारों श्रद्धालु होटलों, गेस्ट हाउसों और मठ-मंदिरों में फंसे हैं। प्रशासन उन्हें निकालने का प्रयास कर रहा है, लेकिन पानी का वेग सबसे बड़ी बाधा बन रही है।





