सहारनपुर में ध्वस्त मस्जिद के नीचे मिला 20 फीट गहरा कुआं, ASI करेगी जांच

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे एक करीब 20 फीट गहरा कुआं मिलने से मामला चर्चा में आ गया है। रविवार को मजदूर जब ध्वस्तीकरण के बाद मलबा साफ कर रहे थे, तभी जमीन के नीचे एक भारी स्लैब दिखाई दिया। स्लैब को कटर से हटाने के बाद उसके नीचे कुएं जैसी संरचना सामने आई।

प्रशासन के अनुसार कुआं करीब 1.5 मीटर चौड़ा है और इसकी दीवारें ईंटों से बनी दिखाई दे रही हैं। सहारनपुर के एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को इसकी जानकारी दी है। अब विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि कुआं कब बनाया गया था और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है।

कुएं की उम्र को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं

कुएं के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इसकी पुरानियत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि 400 साल पुराने होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ अधिकारियों के मुताबिक यह संरचना करीब एक सदी पुरानी प्रतीत होती है, लेकिन इसकी वास्तविक उम्र विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आएगी।

कुआं किस काम आता था?

कुएं का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया है कि पुराने समय में ऐसे कुओं का इस्तेमाल वजू के लिए किया जाता था। हालांकि यह उनका दावा है और प्रशासन ने अभी कुएं के वास्तविक उपयोग को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सामने आया मामला

यह कुआं ऐसे समय में सामने आया है जब कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने न्यायिक प्रक्रिया के बाद ध्वस्त किया है। प्रशासन का कहना है कि ढांचा सरकारी जमीन पर अनधिकृत था, जबकि मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

 

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