आंगनबाड़ियों की लापरवाही से बच्चों के पोषण पर सवाल, कोरिया-एमसीबी में व्यवस्था की निगरानी पर उठे सवाल

सरगुजा – बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए शासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार, नियमित वजन-माप, वृद्धि की निगरानी और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद सरगुजा संभाग के कोरिया और एमसीबी जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आ रही हैं कि कई केंद्रों में बच्चों के वजन और पोषण की नियमित निगरानी तथा उपलब्ध सुविधाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों का वजन और विकास नियमित रूप से जांचना महत्वपूर्ण है। कम वजन वाले बच्चों की पहचान कर उनकी स्थिति के अनुसार पोषण सहायता, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक होने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र अथवा पोषण पुनर्वास केंद्र तक रेफर करने की व्यवस्था है।

ऐसे में यदि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार की गुणवत्ता, वितरण, बच्चों की उपस्थिति, वजन मापन और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। खासकर उन बच्चों पर विशेष निगरानी आवश्यक है जो लगातार कम वजन की श्रेणी में पाए जा रहे हैं।

बच्चों के हित में जरूरी है कि महिला एवं बाल विकास विभाग कोरिया और एमसीबी ही नहीं अन्य जिलों के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का जमीनी सत्यापन कराए। वजन संबंधी रिकॉर्ड, पोषण आहार वितरण, स्वास्थ्य जांच और पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों का मिलान कर कमियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। बच्चों का स्वास्थ्य किसी भी प्रशासनिक लापरवाही से प्रभावित न हो, यही शासन और विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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