अहमदाबाद में ऑटो-टैक्सी की चार दिन की हड़ताल, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

गुजरात के अहमदाबाद में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों ने सोमवार से चार दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 7 से 10 सितंबर तक चलेगी। विभिन्न चालक संगठनों ने ऑनलाइन कैब और ऑटो सेवाओं में कम किराया मिलने, बढ़ती CNG लागत और निजी बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ यह आंदोलन शुरू किया है।

चालक संगठनों के मुताबिक, हड़ताल में करीब 2 लाख ऑटो और टैक्सी के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, पहले दिन हड़ताल का असर शहर के अलग-अलग हिस्सों में समान नहीं रहा और कई प्रमुख मार्गों पर ऑटो-रिक्शा चलते भी नजर आए।

ऑनलाइन ऐप के किराये को लेकर नाराजगी

चालकों का आरोप है कि Ola, Uber, Rapido और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाला किराया बढ़ती परिचालन लागत के मुकाबले काफी कम है। यूनियनों का कहना है कि CNG की कीमत और वाहन के रखरखाव समेत अन्य खर्च बढ़ने के बावजूद उन्हें पर्याप्त आमदनी नहीं हो रही है।

चालक संगठनों की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन ऑटो और टैक्सी के लिए न्यूनतम किराया तय करना, CNG की बढ़ती लागत पर राहत और निजी दोपहिया वाहनों से संचालित कथित अवैध बाइक-टैक्सी सेवाओं पर कार्रवाई शामिल है।

यात्रियों पर पड़ा असर

हड़ताल के कारण ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध ऑटो-टैक्सी की संख्या कम होने के बीच कुछ ऑनलाइन कैब सेवाओं के किराये में भी तेज बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई है।

हालांकि, शहर में हड़ताल का असर पूरी तरह एक जैसा नहीं है। कुछ इलाकों में शटल और अन्य ऑटो सेवाएं चलती दिखाई दीं, जबकि ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े कई चालक सेवाओं से दूर रहे।

मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

चालक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को अहमदाबाद से आगे पूरे गुजरात में फैलाया जा सकता है। फिलहाल सरकार और चालक संगठनों के बीच आगे की बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।

फिलहाल अहमदाबाद में चार दिवसीय हड़ताल जारी है और इसका सबसे बड़ा असर रोजाना ऑटो-टैक्सी पर निर्भर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ रहा है।

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