केरल के कैंपस में बदलती तस्वीर: ABVP की बड़ी कामयाबी, SFI के गढ़ में सेंध
केरल की छात्र राजनीति में हालिया चुनाव परिणामों ने एक नई चर्चा को जन्म दिया है। तिरुपुनिथुरा स्थित सरकारी संस्कृत कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रसंघ की सभी प्रमुख सीटों पर जीत दर्ज कर लंबे समय से चले आ रहे SFI के प्रभाव को चुनौती दी है। इस कॉलेज को लंबे समय से वामपंथी छात्र राजनीति का मजबूत केंद्र माना जाता रहा है।
ABVP ने इस सफलता को संगठन के विस्तार और छात्रों के बीच अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखने का परिणाम बताया है। संगठन की ओर से संस्कृत शिक्षा, छात्र गतिविधियों, कॉलेज विकास और छात्रसंघ के कामकाज जैसे मुद्दों को प्रमुखता दिए जाने की बात कही गई है। इससे केरल के अन्य परिसरों में भी ABVP के लिए नए अवसर पैदा होने की चर्चा तेज हुई है।

हालांकि, एक कॉलेज का परिणाम पूरे केरल की छात्र राजनीति की तस्वीर नहीं बदलता। हालिया विश्वविद्यालय चुनावों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार SFI ने केरल विश्वविद्यालय से जुड़े 71 कॉलेजों में 63 में जीत दर्ज की, जबकि ABVP को एक कॉलेज में सफलता मिली।
इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को SFI के पूरे केरल में एकाधिकार समाप्त होने के बजाय कैंपस राजनीति में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले वर्षों में ABVP का प्रभाव कितना बढ़ता है, यह उसके संगठनात्मक विस्तार, छात्र मुद्दों पर सक्रियता और अलग-अलग कॉलेजों में चुनावी प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।






