महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के गरिमामय प्रवास से गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़, रायपुर में सम्मान और बस्तर में संस्कृति का संगम

माता हासी देवी के सम्मान में 200 का स्मारक सिक्का जारी; जगदलपुर में मां दंतेश्वरी के दर्शन और ऐतिहासिक मुरिया दरबार में होंगी शामिल
छत्तीसगढ़ – भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास से प्रदेश की आध्यात्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय गरिमा का गौरवपूर्ण मंच मिला है। राजधानी रायपुर में राष्ट्रपति ने विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता कर प्रदेश की धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं को सम्मान प्रदान किया।

प्रवास के प्रथम दिन राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने लोक भवन में शदाणी दरबार की पंचम पीठाधीश पूज्य माता हासी देवी जी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनके सम्मान में ₹200 का स्मारक सिक्का जारी किया। यह पहल माता हासी देवी के आध्यात्मिक योगदान और समाजसेवा की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात राष्ट्रपति रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ एवं ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। इन आयोजनों ने सेवा, सामाजिक समरसता और युवा चेतना के संदेश को प्रमुखता दी।

बस्तर में आस्था और जनजातीय परंपरा का सम्मान-

प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु जगदलपुर पहुंचेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे सर्वप्रथम प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेंगी। इसके बाद विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होकर जनजातीय परंपराओं से जुड़ेंगी और सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगी।

राष्ट्रपति का यह प्रवास छत्तीसगढ़ की विविध सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय गौरव और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय महत्व प्रदान करने वाला अवसर है।

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