गहरे अवदाब ने बदला मौसम का मिजाज- छत्तीसगढ़ में फिर से झमाझम बारिश

सरगुजा संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित- अनूपपुर-शहडोल में भी बारिश का असर-28 सितंबर के बाद मौसम साफ होने के संकेत
छत्तीसगढ़ – बंगाल की खाड़ी से बने गहरे अवदाब के प्रभाव ने छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी है। खासकर सरगुजा संभाग में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ से लगे मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल जिलों में भी बारिश ने जनजीवन और खेती-किसानी को प्रभावित किया है।

उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश से बढ़ा मौसम तंत्र- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना गहरा अवदाब 24 सितंबर से सक्रिय रहा। यह तंत्र धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवाह बढ़ा और सरगुजा समेत कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गईं। बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।

28 सितंबर के बाद थमेगा बारिश का दौर- मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है। इसके बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है और मानसून की विदाई के संकेत भी स्पष्ट होने लगेंगे।

फसलों के लिए बारिश बनी दोधारी तलवार- यह बारिश खेतों में खड़ी फसलों के लिए मिश्रित असर लेकर आई है। जिन क्षेत्रों में मिट्टी में नमी की कमी थी, वहां यह बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। लेकिन लगातार और तेज बारिश से खेतों में पानी भरने, जलभराव तथा पकने की अवस्था में पहुंच चुकी फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है। खासकर निचले इलाकों में किसानों को फसल और जलनिकासी पर नजर रखने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, गहरे अवदाब ने मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम का रुख बदल दिया है। अगले तीन-चार दिन बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे, जबकि 28 सितंबर के बाद मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

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