दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU चुनाव के बाद विजय जुलूस पर लगाई रोक
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया कि सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी उम्मीदवार, छात्र संगठन, समर्थक या अन्य व्यक्ति द्वारा विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। यह रोक दिल्ली की सड़कों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टल में भी लागू होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने दिया। अदालत ने DUSU चुनाव के दौरान Lyngdoh Committee की सिफारिशों और चुनाव संबंधी नियमों के कथित उल्लंघन पर चिंता जताई। अदालत ने सभी छात्र संगठनों और चुनाव लड़ रहे 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि नियमों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ चुनावी हर्जाना क्यों न लगाया जाए।

पुलिस को सख्ती से आदेश लागू कराने के निर्देश
हाईकोर्ट ने कहा कि विजय जुलूस रोकने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है और इसे अदालत की अवमानना भी माना जा सकता है।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को चुनाव से जुड़े नियम उल्लंघनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में चालान जारी किए गए, वाहनों को जब्त किया गया और कुछ छात्रों की गिरफ्तारी भी हुई। अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान हथियारों के कथित प्रदर्शन, वाहनों के काफिले और अन्य नियम उल्लंघनों पर भी सवाल उठाए।






