छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से उठी देश में पहली मांग – बने सवर्ण आयोग – राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
प्रदेश में 10% आरक्षण – सवर्ण आयोग के गठन,- – कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति-पीएम को भेजा ज्ञापन,- -क्षत्रिय-ब्राह्मण-सिख- अग्रवाल,कायस्थ, केशरवानी वैश्य -जैन-सिंधी, बंग समाज एक मंच पर-
*अंबिकापुर ( छत्तीसगढ़ )

देश में जब एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक आयोग बन सकते हैं तो सवर्णों के लिए आयोग क्यों नहीं? यही सवाल अब छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से राष्ट्रीय बहस के रूप में उठा है। सरगुजा सावर्ण समाज ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंप कर उनकी मांगो पर ध्यान न देने पर राष्ट्रीय स्तर पर अपने मांगो अपनी आवाज बुलंद करने व आंदोलन खड़ा करने की बात कही है। पदाधिकारियों का दावा है कि सवर्ण आयोग की यह मांग देश में अपने तरह की पहली संगठित मांग है।
क्या है मुख्य मांगें – छत्तीसगढ़ के अबिकापुर से सवर्णों के लिए आयोग बनाने के लिए आवाज बुलंद करने वालों की प्रमुख मांगो मे

1. सवर्ण आयोग का गठन: केंद्र और छत्तीसगढ़ में सवर्ण समाज के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए अलग आयोग बने, जिसकी तर्ज पर अन्य आयोग बने हैं।
2. 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का पूर्ण क्रियान्वयन: प्रदेश में सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल रहा, इसे सुनिश्चित किया जाए।
3. आरक्षण में समान आय सीमा: सभी वर्गों के आरक्षण में एक समान क्रीमी लेयर और आय सीमा लागू की जाए।
4. आरक्षण को तर्कसंगत बनाना: आईएएस/आईपीएस/मंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों के परिवार को आरक्षण के लाभ से अलग किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिले।
5. यूसीसी और रोलबैक: समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाए। आदि प्रमुख रूप से शामिल बताये जाते है


कौन-कौन रहे मौजूद –
इस ज्ञापन कार्यक्रम में सरगुजा के सभी सवर्ण समुदाय एक मंच पर आने की बात कही जा रही है जो अपने आप में दुर्लभ नजारा कहा जा सकता है कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौपने वालों मे
– ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष आईपी तिवारी
– क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष रमेंद्र सिंह
– अग्रवाल समाज के महामंत्री संजय अग्रवाल
– कायस्थ समाज के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल सिन्हा
– केशरवानी वैश्य समाज के अध्यक्ष तारा गुप्ता
– सिंधी समाज के अध्यक्ष अशोक नागवानी
– गुरु सिंघ सभा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह बग्गा
– जैन समाज के अध्यक्ष विक्रांत जैन, सचिव रूबी जैन
– बंग समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप धर व अन्य शामिल बताये जाते है
राष्ट्रीय स्तर पर क्यों महत्वपूर्ण-
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब मंडल आयोग के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग, फिर SC-ST और फिर अल्पसंख्यक आयोग बने, तो देश की लगभग 15-20 प्रतिशत सवर्ण आबादी को क्यों इससे वंचित रखा जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों की आवाज उठाने वाला कोई वैधानिक मंच देश मे शासन व केंद्र मे सरकार बनाने वाले राजनैतिक दलों ने क्यों नहीं बनाया है। EWS आरक्षण आया तो है पर उसके लिए न तो कोई आयोग है जो उसकी निगरानी करे, न ही छात्रवृत्ति या रोजगार में कोई विशेष योजना।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वे समाज हित के लिए प्रदेश के सभी संभागों में इसी तरह का ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन खड़ा भी कर सकते है ज्ञापन सौपने वाले सदस्यों का कहना है कि वर्तमान मे कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से प्रथम चरण मे राष्ट्पति, प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री व राज्यपाल महोदय को मांगो से संबंधित ज्ञापन प्रेषित किये गए है वहीं आने वाले दिनों मे मांगो के संबंध मे सार्थक पहल करने हेतू राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के माध्यम से उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र प्रेषित किये जायेगे और अपेक्षित समय तक ठोस कार्यवाही नहीं होने से माननीय न्यायलय के शरण मे जाने के लिए विवश हों सकते है





