गांधी और शास्त्री जयंती पर देशभर में गूंजे सत्य, अहिंसा और सादगी के संदेश
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती देशभर में श्रद्धा, उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रदेशो और देश के विभिन्न शहरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है । सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को याद किया।
दिल्ली में आयोजित विशेष समारोहों में गांधीजी के सत्य, अहिंसा, शांति और मानवता के संदेश को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा को स्वतंत्रता संग्राम का सशक्त माध्यम बनाकर भारत को आजादी दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका जीवन आज भी सामाजिक सद्भाव, समानता और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है।

वहीं, लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को रेखांकित किया गया। देश के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया। उनका लोकप्रिय नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी सैनिकों और अन्नदाताओं के सम्मान तथा राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
गांधी और शास्त्री जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प दिवस भी है। सत्य, सादगी, सेवा और देशप्रेम के उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं।






