न्यायधानी में नाबालिग बेटियां असुरक्षित! नशे के इंजेक्शन से गैंगरेप तक, आखिर किसके भरोसे है बिलासपुर की बेटियां?
सहेली के घर से लौटती छात्रा का अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने कानून-व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में यदि सहेली के घर से लौट रही नाबालिग छात्रा भी सुरक्षित नहीं है, तो फिर बेटियों की सुरक्षा के सरकारी दावों का क्या अर्थ रह जाता है? अपहरण, नशीला इंजेक्शन और सामूहिक दुष्कर्म की सामने आई घटना ने न केवल शहर की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि नशे के बढ़ते इस्तेमाल और उसके आपराधिक नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अपराध में नशीले इंजेक्शन के इस्तेमाल की बात सामने आई है। आखिर यह नशा कहां से आ रहा है? कौन इसकी आपूर्ति कर रहा है? क्या नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है? इन सवालों का जवाब केवल गिरफ्तारी से नहीं मिलेगा।

गिरफ्तारी के बाद भी बड़ा सवाल—अपराध की जड़ पर कार्रवाई कब?
बिलासपुर मे घटना सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और दो आरोपियों की गिरफ्तारी निश्चित रूप से आवश्यक कदम हैं, लेकिन क्या यही पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी की अंतिम सीमा है? हर गंभीर वारदात के बाद गिरफ्तारी की खबर देना पर्याप्त नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना शासन और पुलिस की वास्तविक जवाबदेही है।
नशे का नेटवर्क तोड़ने में आखिर किसका इंतजार?
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर मे यदि नशीले पदार्थ अपराध का हथियार बन रहे हैं, तो शहर में इनके स्रोत, सप्लायर और वितरण नेटवर्क की व्यापक जांच क्यों नहीं होती? स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, संदिग्ध नशा कारोबारियों पर कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती?
बेटियों की सुरक्षा भाषणों से नहीं, जवाबदेही से होगी-
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अब तात्कालिक कार्रवाई से आगे बढ़कर ठोस सुरक्षा नीति बनानी होगी। नाबालिग पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए त्वरित न्याय, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की प्रभावी निगरानी, नशे के अवैध कारोबार पर विशेष अभियान और प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र में जवाबदेह पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
न्यायधानी बिलासपुर की पहचान अपराध की घटनाओं से नहीं, न्याय और सुरक्षा की गारंटी से होनी चाहिए। सवाल साफ है—क्या शासन किसी अगली बेटी के शिकार बनने का इंतजार कर रहा है, या अब वास्तव में जागेगा?






