छत्तीसगढ़ मे एक ही परिवार में सियासी फूट- छोटे भाई BJP में मंत्री, बड़े भाई ने थामा कांग्रेस का हाथ
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक दिलचस्प सियासी तस्वीर सामने आई है। कैबिनेट मंत्री और सतनामी समाज से जुड़े गुरु खुशवंत साहब के बड़े भाई गुरु ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज है कि कांग्रेस के निर्देश पर गुरु ढाल दास आने वाले चुनाव में अपने ही छोटे भाई के खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं।
एक ही परिवार के दो भाइयों का अलग-अलग राजनीतिक दलों में होना महज पारिवारिक मतभेद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की चुनावी राजनीति में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। गुरु ढाल दास ने भाजपा सरकार को लेकर असंतोष जताते हुए प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया है। उनका कहना है कि जनता भाजपा सरकार से त्रस्त हो चुकी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस सियासी घटनाक्रम का असर सतनामी समाज पर कितना पड़ेगा? गुरु खुशवंत साहब और गुरु ढाल दास दोनों ही सतनामी गुरु परिवार से जुड़े हैं। ऐसे में समाज के भीतर उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और प्रभाव आने वाले विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सतनामी समाज का प्रभाव कई विधानसभा सीटों के साथ-साथ लोकसभा चुनाव में भी निर्णायक माना जाता है। ऐसे में यदि परिवार की यह राजनीतिक लड़ाई सामाजिक विमर्श में बदलती है, तो भाजपा और कांग्रेस—दोनों के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सतनामी समाज किस राजनीतिक विचारधारा के साथ खड़ा होता है और यह भाई बनाम भाई की सियासी जंग आने वाले चुनाव में क्या रंग दिखाती हैl






