अब बड़े पर्दे पर दिखेगा समर्पण के बाद बदली जिंदगी का नया चेहरा, 9 आत्मसमर्पित महिलाएं करेंगी फिल्म में अभिनय
बस्तर की धरती से उठेगीअब बदलाव और नई उम्मीद की कहानी क्योंकि फिल्म निर्देशक आकाश दिव्य लामा ने यहाँ के लोगो को लेकर फिल्म बनाने का निर्णय किया है
कभी बंदूक और संघर्ष के साये में रही जिंदगी अब कैमरे की रोशनी में अपनी नई पहचान बनाने जा रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने वाली 9 महिलाओं को अब बड़े पर्दे पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने जा रहा है। यह पहल केवल फिल्म में काम करने का मौका नहीं, बल्कि उन जिंदगियों को नई दिशा देने की कोशिश है, जो अब अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य की नई इबारत लिखना चाहती हैं।

फिल्म निर्देशक आकाश दिव्य लामा इन महिलाओं की प्रतिभा को सामने लाने के लिए फिल्म निर्माण की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग नवंबर-दिसंबर में बस्तर में प्रस्तावित है। इस पहल के जरिए आत्मसमर्पित महिलाओं के जीवन, संघर्ष, बदलाव और नई उम्मीदों को सिनेमा के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
आकाश दिव्य लामा का कहना है कि बस्तर में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ अवसर और सही मंच देने की है। उनका उद्देश्य है कि समर्पण के बाद इन महिलाओं की छिपी हुई प्रतिभा को पहचान मिले और वे अपनी नई पहचान बना सकें।
यह पहल समाज को भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि किसी व्यक्ति का अतीत ही उसका भविष्य तय नहीं करता। सही अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान मिले तो बदलाव की राह पर चलने वाला हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से नई मिसाल कायम कर सकता है।
बस्तर की यह पहल अब केवल फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि नई जिंदगी, आत्मविश्वास और उम्मीद का संदेश बनने की दिशा में कदम है।






