छत्तीसगढ़ मे मौत के बढ़ते आंकड़े चौकाने वाले – खुदकुशी, घरेलू विवाद और नशाखोरी बनी बड़ी वजह
छत्तीसगढ़ में आत्महत्या के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। अकेले दुर्ग जिले के आंकड़े ही प्रदेश की तस्वीर को बयां करने के लिए काफी हैं। खबरों के अनुसार दुर्ग पुलिस डायरी के अनुसार पिछले 42 माह में जिले में 1868 लोगों ने खुदकुशी की है, जिसमें 1277 मामलों में तो वजह ही नहीं खोज पाई पुलिस। औसतन हर साल 522 लोग जान दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जिले में वर्ष 2023 में 506, वर्ष 2024 में 508, वर्ष 2025 में 552 और जून 2026 तक 302 लोगों ने आत्महत्या की है। 2025 का आंकड़ा सबसे अधिक है। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार 1244 मामलों (करीब 70 प्रतिशत) में आत्महत्या की वजह सामने नहीं आ सकी। वर्ष 2023 में 311, वर्ष 2024 में 415, वर्ष 2025 में 361 और वर्ष 2026 के शुरूआती 6 माह में 190 मामलों में कारण अज्ञात रहा।
रिपोर्ट के अनुसार
आत्महत्या के मामलों में पहले घरेलू विवाद, प्रेम प्रसंग बड़ी वजह हुआ करती थी, लेकिन अब पैटर्न बदला है। दुर्ग जिले में घरेलू विवाद सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है, उसके बाद नशाखोरी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2023 में 81, 2024 में 53, 2025 में 64 और जून 2026 तक 27 लोगों ने घरेलू विवाद के चलते जान दी। वहीं मोबाइल और पढ़ाई के लिए डांट भी जानलेवा बन रही है। 2023, 2024 और 2025 में जहां हर वर्ष 1-1 ऐसा मामला सामने आया था, वहीं 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही ऐसे 5 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जब माता-पिता के लिए एक सीधा अलर्ट है कि बच्चों के साथ काउंसलिंग और संवाद का तरीका बदलना होगा। प्रेम प्रसंग में विफलता या अन्य कारणों से भी 2023 से 2026 के बीच कुल 7 युवाओं ने जान गंवाई।
नशाखोरी और आर्थिक तंगी दूसरी सबसे बड़ी वजह बन रही है। कुल 106 लोग नशे की वजह से जान दे चुके हैं – 2023 में 29, 2024 में 12, 2025 में 29 और इस वर्ष के 6 महीनों में 36 लोग। वहीं आर्थिक तंगी से परेशान कुल 72 लोगों ने जान गंवाई – 2023 में 24, 2024 में 13, 2025 में 31 और 2026 में 5 ने यह खौफनाक कदम उठाया।

छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी हाल कुछ इसी प्रकार के बताये जाते है
यह केवल दुर्ग की कहानी नहीं है।
रायपुर-बिलासपुर में भी आंकड़े डराने वाले बताये जाते है पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार बस्तर से लेकर मैदानी जिलों तक यही स्थिति है। 2019 से जून 2025 तक सुरक्षाबलों के 177 जवानों ने ही खुदकुशी की है, जिसमें सबसे ज्यादा 88 मामले बस्तर रेंज से हैं। रायपुर में 34, दुर्ग में 24 और बिलासपुर में 20 जवानों ने जान दी है। वजह वही – पारिवारिक कलह, छुट्टी न मिलना, डिप्रेशन बताया जाता है
इस संबंध मे मानसिक रोग विशेषज्ञ का कहना है कि आत्महत्या करने वालों में 15 माह से 29 वर्ष तक समूह वाले सबसे ज्यादा होते हैं। वहीं दुर्ग के एसपी विजय अग्रवाल का कहना है कि परिवार में एकाकीपन, नशाखोरी और आर्थिक असुरक्षा, तनावपूर्ण वैचारिक बाधाओं में मोबाइल की लत और आत्महत्याओं की बड़ी वजह है। इसे लेकर अब हर थाने में काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है।





