खेतों में बदलेगी खेती की तस्वीर, किसान की तकदीर! जैविक खेती और फसल विविधीकरण से समृद्धि का नया रास्ता दिखा रहे कृषि मंत्री रामविचार नेताम
गन्ने का बढ़ा दाम, किसानों को मिला बोनस; केरता की कृषक चौपाल से कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने का बड़ा संदेश
छत्तीसगढ़ -सूरजपुर – किसान के पसीने की हर बूंद में देश की खुशहाली और खेतों की हर फसल में अर्थव्यवस्था की मजबूती छिपी है। किसान मजबूत होगा तो देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और गांव समृद्ध होंगे। इसी सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने पर जोर दे रही है। माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम इसी किसान हितैषी सोच की जीवंत तस्वीर बना।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस राशि वितरित की गई। गन्ना खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने पर किसानों ने शासन के प्रति आभार जताया। मंत्री नेताम ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के मजबूत स्तंभ हैं। उनकी खुशहाली ही प्रदेश की वास्तविक तरक्की है।

अब खेती में बदलाव, कम लागत में ज्यादा मुनाफे का लक्ष्य-

कृषि मंत्री ने किसानों से केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रहने की अपील करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बचाना, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना और रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता घटाना समय की मांग है। वैज्ञानिक तकनीक और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन संभव है।
कारखाने से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय-
मंत्री ने माँ महामाया शक्कर कारखाने को और विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन बढ़ाने की आवश्यकता बताई। विधायक शकुंतला पोर्ते ने किसान हितैषी निर्णयों की सराहना की। कलेक्टर रेना जमील ने कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने का रकबा विस्तार करने की कार्ययोजना साझा की।
कृषक चौपाल में किसानों ने अपने अनुभव और सुझाव रखे।
यह आयोजन केवल आभार व्यक्त करने का मंच नहीं, बल्कि खेती की सोच बदलने का संदेश भी बना। संदेश साफ है—खेत में जैविकता, फसल में विविधता और किसान के हाथ में समृद्धि होगी, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।





