झीरम घाटी कांड: सर्व आदिवासी समाज हाई कोर्ट जाएगा, दोबारा जांच की मांग
छत्तीसगढ़ — झीरम घाटी कांड को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने विशेष एनआईए अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है। समाज ने 25 मई 2013 को हुई घटना की कथित व्यापक साजिश और उससे जुड़े सभी पहलुओं की पुनः जांच की मांग की है। संगठन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर मामले को सुप्रीम कोर्ट तक भी ले जाया जाएगा। इस संबंध में जगदलपुर के परपा स्थित कोया समाज भवन में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों और मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों के परिजनों की बैठक हुई। बैठक में एनआईए अदालत के फैसले और जांच प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलने वाले पुनर्वास लाभ तथा जेलों में बंद बताए जा रहे निर्दोष आदिवासियों के मामलों पर भी चर्चा की। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि झीरम घाटी घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक घटनाक्रम और कथित साजिश के सभी पहलू सामने आ सकें। बैठक में हाई कोर्ट में कानूनी कार्रवाई शुरू करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे सुप्रीम कोर्ट का रुख करने पर सहमति बनी।








