भारत में कमाया नाम, अब देश के आंदोलनों में दखल? विदेशी नागरिकों की भूमिका पर केंद्र सरकार दिखाए सख्ती
नई दिल्ली – भारत कोई धर्मशाला नहीं, जहां कोई यहां की धरती पर अवसरों का लाभ उठाए और बाद में विदेशी नागरिक बनकर देश के आंतरिक मामलों में दखल देने लगे! यदि कोई विदेशी नागरिक भारतीय कानूनों और वीजा नियमों की सीमाएं लांघता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। देश की संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।लोगो का यह विचार अब सामने उस इमरान खान के चलते आया है जो रिश्ते मे आमिर खान का भांजा बताया जाता है और जिसने फिल्मो के द्वारा भारत मे नाम व दाम कमाने के बाद बाद मे विदेशी नागरिकता लेकर अब पुन : भारत विरोधी आंदोलनों मे सहभागी बन रहा था l
भारतीय फिल्म जगत में काम कर चुके अब विदेशी नागरिक बन चुके इमरान खान को दिल्ली मे हो रहे आंदोलन मे सक्रियता की चर्चाओं ने विदेशी नागरिकों की भारत में राजनीतिक गतिविधियों पर बहस तेज कर दी है। हलाकि सामने आई खबरों के अनुसार सरकार ने इस मामले मे कड़ा रुख अपनाते हुए विदेशी इमरान खान को भारत छोड़ने की तारीख भी तय कर दी है इस सबंध मे अभिनेता गजेंद्र चौहान ने इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है वहीं देश मे भारत विरोधी आंदोलनों मे शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों पर त्वरित गति से कठोर कार्यवाही करने की आवाज उठने लगी है

इस सबंध मे सवाल यह है कि यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में रहकर या यहां आकर राजनीतिक आंदोलनों में हिस्सा लेता है, तो क्या उसकी गतिविधियों की जांच नहीं होनी चाहिए? भारत लोकतांत्रिक देश है और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान करता है, लेकिन विदेशी नागरिकों को भी भारतीय कानूनों, वीजा शर्तों और लागू प्रतिबंधों का पालन करना अनिवार्य है। देश के खिलाफ भड़काऊ बयान देने या आंदोलन को उकसाने के आरोपों की जांच कठोरता के आधार पर होनी चाहिए।
राजनैतिक दल व सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि विदेशी नागरिकों की राजनीतिक गतिविधियों और संभावित विदेशी फंडिंग पर स्पष्ट एवं सख्त नीति बनाई जाए। यदि कोई व्यक्ति भारत के कानूनों का उल्लंघन करता पाया जाए, तो उसके वीजा, भारत में रहने की अनुमति और भविष्य में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम कानून के तहत उठाए जाएं। गैरकानूनी वित्तपोषण के मामलों में भी संबंधित एजेंसियां कड़ी जांच करें।
भारत की मेहमाननवाजी को उसकी कमजोरी समझने की भूल नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रहित सर्वोपरि है—और कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। चाहे वह फ़िल्मी हीरो इमरान खान हो या फिर कोई और?





