राम मंदिर प्रबंधन में अब सैनिक अनुशासन -ट्रस्ट के पहले CEO होंगे एयर मार्शल रिटायर्ड जितेंद्र मिश्रा पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे- ऑपरेशन सिंदूर के हीरो है जितेंद्र मिश्रा –

अयोध्या (उत्तरप्रदेश )

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार पेशेवर CEO की नियुक्ति होने की तमाम आशंकाओ पर अब विराम लग गया है और इस पद के लिए आये 5500 दावेदारों मे पद के लिए सबसे प्रबल माने जा रहे एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम मंदिर ट्रस्ट का C E O नियुक्त किया गया है भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान के चीफ रहे जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक भूमिका निभाई थी और उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

*श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO के लिए चर्चा में यू ही नहीं था जितेंद्र मिश्रा का नाम इसके पीछे था उनका श्रेष्ठ व गौरवशाली इतिहास बताया जाता है वो
ऑपरेशन सिंदूर के आर्किटेक्ट कहे जाते है 1 जनवरी 2025 को एयर मार्शल मिश्रा ने पश्चिमी वायु कमान के AOC-in-C का पदभार संभाला था। मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद चले ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी कमान ही मुख्य स्ट्राइक फोर्स थी।

बताया जाता है कि *चंदा चोरी के बाद बड़ा सुधार करने के उद्देश्य से यह नियुक्ति की गई है

राम मंदिर ट्रस्ट मे सीईओ के लिए *5500 में से उमीदवारो मे से जीतेन्द्र मिश्रा का चयन हुआ है इसके लिए ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट सुरेश हवारे की तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति को देशभर से 5500 से अधिक आवेदन मिले, जिनमें रिटायर्ड IAS, IPS और सैन्य अधिकारी शामिल थे। 111 को ऑनलाइन और 18 को अयोध्या में फिजिकल इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। जिससे से सभी को पीछे छोड़ते हुए जीतेन्द्र मिश्रा का नाम फाइनल किया

क्या होगा CEO का काम – 24 घंटे की जिम्मेदारी

निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि CEO ट्रस्ट के अधीन काम करेगा, स्वतंत्र नहीं होगा। लेकिन उसकी शक्तियां व्यापक होंगी:

– दैनिक प्रशासन, दान राशि की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा समन्वय।
– 100 करोड़ से अधिक वार्षिक चढ़ावे और 60-70 लाख मासिक श्रद्धालुओं का प्रबंधन।
– कार्यकाल 3 से 5 साल, अयोध्या में निवास अनिवार्य होगा

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि – “इतने बड़े और विश्वप्रसिद्ध मंदिर के प्रबंधन को पेशेवर और पारदर्शी बनाने के लिए यह तकनीकी व व्यापक चयन प्रक्रिया अपनाई गई है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की गुंजाइश न रहे।”

कौन हैं जितेंद्र मिश्रा

– 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में कमीशन।
– एयर फोर्स में 39 साल की सेवा, ASTE के कमांडेंट रहे।
– अति विशिष्ट सेवा मेडल (2024) और विशिष्ट सेवा मेडल (2013) विजेता।

राम मंदिर ट्रस्ट में जीतेन्द्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगने के बाद राम मंदिर के गर्भगृह से लेकर सुरक्षा तक की कमान एक ऐसे अफसर के हाथ में होगी, जिसने दुश्मन के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व किया है।

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