भोपाल में जूनियर डॉक्टरों पर पुलिस कार्रवाई, वाटर कैनन के बाद जांच के आदेश
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न और जूनियर डॉक्टरों पर पुलिस कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल और बल प्रयोग के वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर अपने मासिक स्टाइपेंड को करीब 14 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे थे। मांग को लेकर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ डॉक्टरों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद भोपाल पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रदर्शन से जुड़े सभी पक्षों और घटनाक्रम की परिस्थितियों को शामिल किया जाएगा।
इस कार्रवाई से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। वहीं, वरिष्ठ डॉक्टरों की ओर से भी समर्थन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी सामने आने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बनी।

इसी बीच सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत के बाद स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। साथ ही कार्रवाई के दौरान लाठी चलाने वाले दो पुलिसकर्मियों को पद से हटाकर अटैच किए जाने की खबर है। इसके बाद डॉक्टरों का आंदोलन समाप्त होने की जानकारी सामने आई है।





