मोक्षदायिनी मंदाकिनी का रौद्र रूप- 23 साल का रिकॉर्ड टूटा- चित्रकूट की बस्तियां जलमग्न- सड़कों पर चल रही नावें
42 साल पुराना 300 मीटर का पुल बहा- रामघाट की 400 दुकानें डूबीं- 700 लोगों का हेलीकॉप्टर- SDRF ने किया रेस्क्यू – 50 साल में ऐसी बारिश नहीं देखी चित्रकूट (मध्यप्रदेश )
मोक्षदायिनी मंदाकिनी एक बार फिर अपने रौद्र रूप में है। लगातार मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी ने ऐसी तबाही मचाई है कि पूरा धार्मिक नगर जलमग्न हो गया है। लोग छतों पर जान बचाने को मजबूर हैं और बस्तियां टापू में तब्दील हो गई हैं। प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं।बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी चित्रकूट में ऐसी रिकॉर्ड बारिश पिछले 50 वर्षों में नहीं देखी गई। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मंदाकिनी ने 23 साल का बाढ़ रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

खतरे के निशान से 8.70 मीटर ऊपर बह रही मंदाकिनी-
जिला प्रशासन के अनुसार रामघाट पर मंदाकिनी का खतरे का निशान 126.50 मीटर है, जबकि इस बार जलस्तर 135.20 मीटर तक पहुंच गया। साल 2003 में हाई फ्लड लेवल 134.50 मीटर था। इस बार वह भी पार हो गया। प्रशासन ने 23 साल का रिकॉर्ड टूटने की पुष्टि की है।
एक जानकारी के अनुसार
मंदाकिनी का 300 वर्ग किमी का विशाल कैचमेंट एरिया है। सतना, पन्ना और यूपी के 15 छोटे-बड़े नालों का पानी एक साथ आने से नदी विकराल हो गई। अब 5 किमी तक निर्माण होने से बाढ़ का फैलाव रुक गया और वेग बढ़ गया।


रामघाट से लेकर जानकीकुंड तक जलमग्न-
बाढ़ का सबसे भयावह असर रामघाट क्षेत्र में है। रामघाट, राघव प्रयाग घाट, कामता, नयागांव, आरोग्यधाम, पुरानी लंका चौराहा, खटकाना, क्योतरा, रामायणी कुटी, जानकीकुंड समेत दर्जनों मोहल्ले डूब गए।
चित्रकूट की
करीब 400 दुकानें बाढ़ की चपेट में आईं। घरों में कीचड़, राशन, कपड़े, फर्नीचर सब बर्बाद हो चुके है । सती अनसूया, गुप्तगोदावरी, स्फटिक शिला तीर्थ भी बंद करने पड़े। यहाँ का मतगजेंद्रनाथ मंदिर भी पानी में घिर गया।
300 मीटर लंबा पुल बहा, यूपी-एमपी संपर्क टूटा-
मंदाकिनी के तेज बहाव में हनुमानधारा-नयागांव मार्ग का 42 साल पुराना लगभग 300 मीटर लंबा पुल बह गया। कर्वी शहर को जोड़ने वाले पुल की एप्रोच रोड भी धंस गई। चित्रकूट-सतना मार्ग प्रभावित हो गया, भारी वाहनों को नागौद-कालिंजर मार्ग से भेजा जा रहा है।इसी प्रकार झांसी-प्रयागराज हाईवे भी प्रभावित हो चूका है
हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, 700 लोग बचाए गए-
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए वायुसेना के 2 हेलीकॉप्टर, NDRF, SDRF की टीमें दिन-रात जुटी हैं। मोटरबोट और नावों से अब तक 700 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। चित्रकूट मे आई विपदा मे लोगो की खोज खबर लेने व राहत देने मध्यप्रदेश के
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट पहुंच कर प्रभावित परिवारों से मिलकर राहत सामग्री बांटी। यहाँ 36 गांवों में हाई अलर्ट जारी है। वही स्कूलों में दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
प्रशासन ने अपील की है कि लोग जोखिम वाले क्षेत्रों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जानकारों के अनुसार बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी बिजली, सड़क और पेयजल बहाल करना चित्रकूट सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है





