सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड में दो दिन का राजकीय शोक, सरकारी कार्यालय बंद

झारखंड के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से राज्य की राजनीति में शोक की लहर है। 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को हृदयाघात के बाद निधन हो गया। वे गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे।

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेल एवं युवा मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वर्ष 2019 में पहली बार गिरिडीह से विधायक चुने गए थे और 2024 में दोबारा विधानसभा पहुंचे।

6 और 7 सितंबर को राजकीय शोक

मंत्री के निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और निर्धारित अवधि में आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।

सरकार ने 7 सितंबर को सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है। दिवंगत मंत्री को सम्मान देने के लिए प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार गिरिडीह में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपना करीबी सहयोगी और बड़े भाई जैसा बताया।

सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन को JMM और झारखंड सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान माना जा रहा है। उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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