महिलाओं की हुंकार: सरगुजा के केवरी में शराबबंदी का ऐलान – पियोगे-बेचोगे तो 5 हजार जुर्माना और सामाजिक बहिष्का

ग्राम सुधार समिति का गठन, सरपंच के साथ रैली निकालकर लिया संकल्प – नशा हटाओ… खुशियां लाओ

सरगुजा (छत्तीसगढ़ )

छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ अब महिलाएं मोर्चा संभाल रही हैं। सरगुजा के ग्राम पंचायत केवरी में महिलाओं ने शराब के खिलाफ ऐसी हुंकार भरी है कि पूरे सरगुजा संभाग से लेकर रायपुर संभाग तक इसकी चर्चा है। गांव में शराब पीने, बेचने और पिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

ग्राम पंचायत केवरी में सरपंच दुबेन्द्र सिंह के नेतृत्व में महिलाओं ने “नशा हटाओ… खुशियां लाओ” नारे के साथ बड़ी रैली निकाली। रैली के बाद ग्राम सभा बुलाई गई और सर्वसम्मति से ग्राम सुधार समिति का गठन किया गया।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं-
ग्राम सुधार
समिति ने निर्णय लिया है –
– गांव में कोई भी व्यक्ति शराब पीता या बेचता पकड़ा गया तो उस पर 1500 से 5000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
– जुर्माना नहीं भरने पर सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
– गांव के बाहर से आने वाले शराबियों की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी।

सरपंच ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में शराब के कारण मारपीट, घरेलू हिंसा और चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं। इससे तंग आकर महिलाओं ने यह पहल की है। महिलाओं ने कहा – “हमारा घर, हमारा गांव हम ही सुधारेंगे।”

छत्तीसगढ़ के आंकड़े डराने वाले – नशा बना हत्या की बड़ी वजह–

केवरी की यह पहल यूं ही नहीं है। प्रदेश के अपराध के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। सामने आई जानकारियों के अनुसार पिछले 8 महीनों में 13 घटनाओं में 15 हत्याएं हुईं, जिनमें 60 प्रतिशत मामलों में वजह नशा था।

प्रदेश स्तर पर क्या कहता है डेटा — छत्तीसगढ़ मे शराब, नशा, अपराध, व हत्याओं के मामलों मे जानकारी तथा रिकार्ड बहुत ही भयावह है इस संबंध महानगरों के आंकड़े और भी डराने वाले है

– रायपुर संभाग: गृहमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में बताया कि 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 तक रायपुर संभाग में ही 510 हत्या, 1885 बलात्कार, 677 बलवा और 6293 चोरी के केस दर्ज हुए हैं।

– रायपुर जिला: 2025 में ही रायपुर जिले में 90 हत्या के केस दर्ज हुए, औसतन हर 4 दिन में एक हत्या। 2024 में 78 हत्याएं हुई थीं।

– दुर्ग-भिलाई: दुर्ग जिले में 2024 में 61 हत्याएं हुईं जो 3 साल में दोगुनी है। पुलिस के अनुसार इनमें 75 प्रतिशत हत्याओं की वजह नशा है।
– दुर्ग में 2025 में कुल 10,828 अपराध, 53 मर्डर और 183 रेप दर्ज हुए।

– *नशे पर कार्रवाई:*नशा काबू के लिए पुलिस द्वारा बड़े प्रयास का दावा किया जाता रहा है लेकिन लोगो की यदि माने तो वो सच्चाई के करीब नहीं होते रहे है वैसे रायपुर पुलिस ने 2025 में NDPS एक्ट में 271 केस दर्ज कर 445 आरोपियों को जहाँ पकड़ा वहीं 2.78 करोड़ का नशा जब्त किया, जिसमें ओडिशा, पंजाब, नाइजीरिया तक के तस्कर शामिल थे।

सरगुजा संभाग में भी नशा व नशा से होते अपराधों के संबंध मे हालत अच्छे नहीं बताये जाते है

सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर में भी नशे के कारण मारपीट और हत्याओं के मामले बढ़े हैं। पुलिस के ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गांजा और ब्राउन शुगर की तस्करी पर लगातार कार्रवाई हो रही है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर केवरी जैसी पहल ही असली समाधान बन सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक गांव-गांव में सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की भागीदारी नहीं होगी, तब तक पुलिस की कार्रवाई अधूरी रहेगी। केवरी मॉडल को अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू करने की मांग उठ रही है।

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