अहमदाबाद में ₹3.8 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
गुजरात में करीब ₹3.8 करोड़ के कथित डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले में साइबर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CCoE), गांधीनगर की टीम ने की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर साइबर ठगी से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए आगे ट्रांसफर करने में मदद कर रहे थे।
पुलिस ने राजस्थान के ब्यावर से गोपालराम पूनाराम और नेकदीन कठात को गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे आरोपी दीपक कुंडू को हरियाणा के जींद से पकड़ा गया। जांच के अनुसार, दोनों राजस्थान आरोपियों ने एक पार्टनरशिप फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड की करीब ₹70 लाख की रकम जमा हुई थी। इसके बाद रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।

जांच में पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से सात बैंक खातों की जानकारी मिली। साइबर क्राइम पोर्टल पर इन खातों की जांच करने पर इनके खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 29 शिकायतों से कथित संबंध सामने आया। इन शिकायतों में गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड और ओडिशा के मामले शामिल बताए गए हैं।
ऑनलाइन लोन के नाम पर भी ठगी का शक
जांच में साइबर पुलिस को कथित तौर पर ठगी का एक और तरीका सामने आया। पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन लोन की तलाश कर रहे लोगों को एक कथित फाइनेंस कंपनी के जरिए लोन देने का लालच देता था। उनसे दस्तावेज लेकर एक ऐप डाउनलोड कराया जाता और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस को शक है कि इस तरीके का इस्तेमाल लोगों के बैंक खातों को साइबर फ्रॉड की रकम पहुंचाने के लिए किया गया।

पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे अन्य आरोपियों और उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनके जरिए रकम को आगे भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकती है।





