21 करोड़ की साइबर ठगी में छत्तीसगढ़ कनेक्शन- ट्रैक्टर-ट्रॉली बॉडी मेकर बना नेटवर्क की कड़ी

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराध के बीच जागरूकता और पुलिस तंत्र पर उठ रहे सवाल
छत्तीसगढ़ –
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई कथित 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये की साइबर ठगी की जांच में छत्तीसगढ़ कनेक्शन सामने आने के बाद साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क की गंभीर तस्वीर सामने आई है। स्टेट साइबर सेल ने मुंगेली निवासी मिथिलेश जायसवाल को कबीरधाम से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मिथिलेश ट्रैक्टर-ट्रॉली की बॉडी बनाने का काम करता था और उसका भाई गिरिराज जायसवाल भी कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ा है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक दोनों भाइयों ने कम आमदनी और कारोबार की परेशानियों के बीच साइबर ठगी के नेटवर्क में प्रवेश किया। आरोप है कि फर्जी कंपनी के नाम पर दो करंट खाते खुलवाए गए। इनमें से एक खाते में ग्वालियर की ठगी की रकम पहुंची, जबकि दूसरे खाते से हरियाणा से जुड़े एक साइबर अपराध मामले की राशि का लेन-देन हुआ।

अपराध जगत पर नजर रखने वालों का कहना है कि यह मामला केवल करोड़ों रुपये की ठगी तक सीमित नहीं है। यह उस बदलती चुनौती की ओर इशारा करता है, जिसमें साइबर अपराधी बड़े नेटवर्क के जरिए सामान्य कारोबारियों और आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी इन जालसाजों के निशाने पर आ रहे हैं।

वैसे सरकार और पुलिस लगातार साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का दावा करती हैं, लेकिन ऐसे मामले सवाल खड़े करते हैं कि ये प्रयास जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी हैं। फर्जी कंपनियों के नाम पर खाते खुलना, संदिग्ध लेन-देन होना और अलग-अलग राज्यों में रकम का पहुंचना बताता है कि अपराध का नेटवर्क राज्यों की सीमाओं से कहीं आगे निकल चुका है।

जिससे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होगी। बैंकिंग प्रणाली की निगरानी, संदिग्ध खातों पर त्वरित कार्रवाई, अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और गांव-कस्बों तक प्रभावी साइबर जागरूकता जरूरी है। जब तक अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध को रोकने की मजबूत व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक साइबर ठगी का यह जाल लगातार नए लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता रहेगा l और लोग ठगी का शिकार तो सरकारे परेशान होती रहेंगी?

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